पर्यटन की दृष्टि से नए स्थल हों विकसित

कुल्लू। मंदी के दौर से गुजर रहे कुल्लू-मनाली के पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए यहां के पर्यटन स्थलों को विकसित करना पड़ेगा। यह सुझाव कुल्लू-मनाली के पर्यटन व्यवसायियों का है। पर्यटन व्यवसायियों का कहना है कि नए पर्यटन स्थलों को विकसित कर कुल्लू-मनाली के पर्यटन सीजन को संजीवनी दी जा सकती है।
कुल्लू-मनाली के पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि नियमित हवाई सेवाएं न होने और खस्ताहाल सड़कों के कारण पर्यटन सीजन देरी से शुरू हुआ। समय से पहले बरसात शुरू होने के कारण पर्यटन सीजन समय से पहले ही खत्म हो गया। स्थिति यह है कि 20 जून के बाद से कुल्लू-मनाली के सैकड़ों होटलों में जीरो प्रतिशत आक्युपेंसी रेट चल रहा है। बड़े होटलों में भी 10 से 15 प्रतिशत आक्युपेंसी हैं।
होटल कारोबारियों का मानना है कि जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बिजली महादेव, हामटा पीक, देऊ टिब्बा, सयोलसर झील, लगवैली मढ़ा सौर समेत अन्य दर्जनों स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करना चाहिए। पर्यटन व्यवसायी अमर सूद, सीता राम ठाकुर, बाला राम ठाकुर, देवी दयाल ठाकुर, प्रताप ठाकुर आदि का कहना है कि जिले के पर्यटन स्थलों को विकसित किया जाए तो कुल्लू मनाली के पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा।
होटल एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष अनूप ठाकुर का कहना है कि सोलंगनाला, रोहतांग के अलावा जिले में अन्य पर्यटन स्थलों को विकसित किया जाना चाहिए। मनाली टैक्सी यूनियन के प्रधान पूर्ण चंद ठाकुर ने जिले में नए पर्यटन स्थलों को विकसित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इससे रोजगार के और साधन बढ़ेंगे।

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