
मैहतपुर (ऊना)। अप्पर देहलां गांव में फैली डायरिया की बीमारी का कहर जारी है। रविवार को भी देहलां पीएचसी में डायरिया से पीड़ित करीब दो दर्जन से ज्यादा मरीजों की जांच गई। पहले से उपचार करवा रहे इन मरीजों में 16 की नाजुक हालत को देखते हुए डाक्टरों को दोबारा ड्रिप लगानी पड़ी। गांव में डायरिया फैलने से भयवीत कई अन्य लोग भी अपनी सेहत की जांच करवाने पीएचसी पहुंच रहे हैं। लोग डायरिया की निजी डाक्टरों के पास जाकर जांच करवा रहे हैं। बीएमओ हरोली डा. संजय मनकोटिया ने रविवार को पीएचसी देहलां का दौरा करके स्थिति का जायजा लिया और डायरिया से पीड़ित मरीजों का हाल पूछा। शनिवार को सीएमओ डा. जीआर कौशल ने भी देहलां का दौरा किया था। पीएचसी देहलां में तैनात डा. सुरेश कुमार रविवार को सरकारी छुट्टी होने के बावजूद पीएचसी पहुंचे और मरीजों की सेहत की जांच की। उन्होंने कहा कि पिछले करीब एक सप्ताह से डायरिया के मरीजों की रूटीन चैकअप की जा रही है।
दूषित पेयजल ने बेहाल किए सैकड़ों लोग
जिला के अप्पर देहलां के एक दो तीन और चार वार्डों में फैली डायरिया की बीमारी मुख्यत: दूषित पानी की वजह से ही फैली है। दूषित पेयजल के सेवन की वजह से ही पिछले करीब एक सप्ताह से गांव के सैकड़ों लोग बेहाल हैं। बीएमओ डा. संजय मनकोटिया के मुताबिक दूषित पानी ही इस बीमारी की मुख्य वजह बनता है। यह चूक कहां हुई और किन कारणों से हुई, इस पर भविष्य में संजीदगी से गौर करने की जरूरत है ताकि कहीं से भी इस तरह की समस्या का दोबारा सामना न करना पडे़।
सावधानी बरती होती तो यह नौबत न आती : सत्ती
ऊना के विधायक एवं भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती ने रविवार को दोबारा देहलां पीएचसी का दौरा किया और उपचाराधीन मरीजों का हालचाल जाना। सत्ती ने कहा कि आईपीएच विभाग ने बरसात का मौसम शुरू होने से पूर्व ही सावधानी बरती होती तो यह नौबत ही न आती। सत्ती की मानें तो अभी भी कई गांवों की पेयजल योजनाओं से सप्लाई पेयजल लाइनों में सुधार की काफी गुंजाइश है।
