
ऊना। जिले में 59 अफसरों को अवैध खनन को रोकने के लिए शक्तियां प्रदान की गई हैं। इतने अधिकारियों को शक्तियां प्रदान किए जाने के बावजूद प्रशासन, पुलिस, खनन विभाग और अन्य प्रशासनिक अमला बौना साबित हो रहा है। हैरानी की बात यह है कि 59 अफसरों के अलावा दर्जनों विभागीय कर्मी अलग से तैनात हैं। इनमें विभिन्न विभागों के इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, एमआई, एएमआई व गार्ड आदि शामिल हैं। अवैध खनन को रोकने में प्रशासन की नाकामी का यह पुख्ता प्रमाण है। उपायुक्त अभिषेक जैन ने 59 अफसरों के पास शक्तियां होने की पुष्टि की है। अवैध खनन पर तल्ख उपायुक्त अभिषेक जैन ने अधिकारियों को गोरखधंधे पर नकेल कसने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अफसरों को कहा कि अवैध खनन रोकने के लिए प्रभावी ढंग से अपनी शक्तियों का प्रयोग करें। उन्होंने कहा है कि पुलिस, प्रशासन एवं खनन विभाग सहित 59 अधिकारियों को अपने क्षेत्र में अवैध खनन रोकने की शक्तियां प्रदत्त की गई हैं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग और वन विभाग को अपने-अपने क्षेत्र में अवैध खनन करने वालों पर शिकंजा कसने को कहा है। इधर, जिले में खनन माफिया ने आतंक फैला रखा है। लोगों की मलकीयत भूमि से भी उन्हें डरा धमकाकर रेत निकाली जा रही है। हर रोज अवैध खनन के मामले पकड़े जा रहे हैं। सरकारी फाइलों पर नजर दौड़ाएं तो पिछले तीन दिन में ही पुलिस और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने अवैध खनन के एक दर्जन से ज्यादा चालान काटे और 11 ट्रैक्टर कब्जे में लिए हैं।
