
यमुनानगर: कांग्रेस पार्टी में जबरदस्त गुटबाजी का लाइव-शो यमुनानगर में आल इंडिया कांग्रेस कमेटी की जिला स्तरीय बैठक में देखने को मिला। शहर हुडा-शैलजा सियासत का रणक्षेत्र बनकर रह गया। यमुनानगर में पहली बार पहुंची हरियाणा की सह-प्रभारी आशा कुमारी संगठन की मजबूती का एजैंडा लेकर कार्यकत्र्ताओं के बीच आई थी लेकिन हालात ऐसे पैदा हो गए कि मंच पर उनका मुख्य विषय संगठन की मजबूती न रहकर अनुशासन का मुद्दा प्रमुख रहा।
इस मौके पर उन्होंने स्पष्ट किया कि वह 5 बार विधायक रह चुकी हैं। इतना अनुभव उनको है कि शब्दों से ही उनको भावनाओं का अहसास हो जाता है। इसमें कोई संदेह नहीं कि यदि किसी विधायक के क्षेत्र में विकास कार्य न हो तो उस विधायक को जनता के रोष का सामना करना पड़ता है लेकिन ऐसे मसलों का समाधान बातचीत के जरिए हो सकता है। अनुशासन में रहकर विधायक या नेता को अपनी बात कहनी चाहिए। यमुनानगर में जिन हालातों से आज वे रू-ब-रू हुई उसकी रिपोर्ट यू.पी.ए. चेयरपर्सन सोनिया गांधी व राहुल गांधी को भेजी जाएगी। प्रदेशाध्यक्ष फूलचंद मुलाना ने यह बात कहकर पार्टी में गुटबाजी पर पर्दा डालना चाहा कि कांग्रेस एक बड़ा परिवार है और छिटपुट बातें होती ही रहती हैं।
एक ओर जहां जिला कांग्रेस कमेटी के शहरी अध्यक्ष अनिल गोयल द्वारा आयोजित आल इंडिया कांग्रेस कमेटी की जिला स्तरीय बैठक में केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा का गुणगान किया जा रहा था और शैलजा जिंदाबाद के नारे लग रहे थे, वहीं दूसरी ओर एक निजी होटल में हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य देवेंद्र चावला द्वारा आयोजित सम्मेलन में भूपेंद्र सिंह हुड्डा को जनता को लोकप्रिय नेता करार दिया जा रहा था। दोनों आयोजनों में भीड़ अपने-अपने चहेते नेताओं के पक्ष में जोरदार नारे लग रही थी।
जुबां पर आया बड़े पद का मलाल
बैठक में शैलजा गुट के वक्ताओं ने जहां जिले की अनदेखी को मुख्य मुद्दा बनाया, वहीं जुबां पर पर बड़ा पद न मिलने का मलाल भी आया। आरोप था कि मुख्यमंत्री द्वारा विकास कार्यों में तो भेदभाव किए ही जा रहे हैं लेकिन मार्कीट कमेटी व इम्प्रूवमैंट ट्रस्ट में आज तक कोई सम्मानित पद नहीं दिया गया। कर्मठ कार्यकत्र्ताओं की अनदेखी की जा रही है और यहां तक कि किसी मीटिंग की सूचना भी उनको नहीं दी जाती। पार्टी एक है लेकिन हालात ऐसे पैदा हो रहे हैं कि अलग नेता के कार्यकत्र्ता अलग-अलग हैं।
