बरसात से पर्यटन सीजन तबाह हो गया

कुल्लू। समय से पहले शुरू हुई बरसात ने कुल्लू-मनाली के पर्यटन कारोबार को पूरी तरह तबाह कर दिया है। किन्नौर और उत्तराखंड में हुई त्रासदी के बाद कुल्लू-मनाली के पर्यटन सीजन में भारी गिरावट दर्ज की थी। इसके बाद होटल खाली होते चले गए। आलम यह है कि अब सैकड़ों होटलों में जीरो आक्यूपेंसी चल रही है। बड़े होटलों में दस से पंद्रह फीसदी आक्यूपेंसी है।
जानकारी के अनुसार पिछले साल के मुकाबले इस साल कुल्लू-मनाली के पर्यटन व्यवसाय में चालीस फीसदी से अधिक कमी दर्ज की गई है। कुल्लू-मनाली के पर्यटन व्यवसायियों का कहना है कि 20 जून के बाद पर्यटन सीजन में एकाएक गिरावट आई है। मनाली का मौसम सुहावना है लेकिन बादल फटने और बाढ़ की सूचनाओं के खौफ के चलते पर्यटकों ने यहां का रुख नहीं किया। कारोबारियों का कहना है कि होटलों में पर्यटकों को 50 फीसदी से ज्यादा डिस्काउंट देने पर भी पर्यटक यहां का रुख नहीं कर रहे।
होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनूप ठाकुर ने बताया कि प्रदेश में बादल फटने और बाढ़ की खबरों के चलते पर्यटक कुल्लू मनाली का रुख नहीं कर रहे। कुल्लू-मनाली का मौसम सुहावना है लेकिन प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में बाढ़ और बादल फटने की घटनाओं ने कारोबार चौपट कर दिया। 20 जून के बाद से मनाली के सैकड़ों होटलों में जीरो प्रतिशत आक्यूपेंसी चल रही है। बड़े होटलों में 10 फीसदी आक्यूपेंसी है। प्रदेश सरकार और पर्यटन विभाग को कुल्लू-मनाली के पर्यटन व्यवसाय पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

नए पर्यटन स्थल करने होंगे विकसित
कुल्लू-मनाली के पर्यटक कारोबारियों का कहना है कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नए पर्यटन स्थल विकसित करने होंगे। इससे पर्यटकों अधिक स्थल देखने को मिलेंगे तथा उनका ठहराव भी कुल्लू-मनाली में बढ़ेगा। इसके साथ हवाई सेवाएं भी नियमित करनी होगी।

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