देहलां के चार वार्डों तक पहुंचा डायरिया

मैहतपुर/ऊना। आंत्रशोथ की मार झेल रहे देहलां क्षेत्र में अभी तक हालात सामान्य नहीं हुए हैं, जबकि बीते दिन स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया था कि हालत काबू में हैं। जिले की अप्पर देहलां पंचायत के वार्ड नंबर एक दो और तीन तक फैली डायरिया की बीमारी ने वार्ड नंबर चार में भी दस्तक दे दी है। वार्ड नंबर चार से एक ही परिवार के तीन लोगों को डायरिया ने अपना शिकार बनाया है। दस्त से परेशान महिला ज्ञान कौर को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भरती करवाया गया, जहां उसकी नाजुक हालत के चलते उसे डाक्टरों ने ड्रिप लगाकर उसका उपचार शुरू कर दिया है। ज्ञान कौर ने बताया कि उसके दो बच्चे हरजिंदर कौर तथा त्रिलोचन सिंह भी इसी बीमारी से पीड़ित हैं। ज्ञान कौर ने बताया कि उसने अपने घर में लगे नल के ही पानी का उपयोग किया है। अब उनका पूरा परिवार पानी को उबालकर पी रहा है। वीरवार को देहलां के सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार को आए जिन मरीजों को ड्रिप लगाई गई, उनमें श्रुति, प्रकाशो देवी, कमला देवी, राजेंद्र सिंह, कुलदीप, व्यास देव, सतपाल, प्रिंस, विनोद कुमार, जगदेव, गुरदीप कौर समेत कई अन्य शामिल हैं। सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डा. सुरेश शर्मा ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि अभी भी इस बीमारी से पीड़ित उनके पास उपचार को आ रहे हैं, जिनका उपचार चल रहा है, वे अभी पूरी तरह से फिट नहीं हुए हैं। डा. सुरेश शर्मा ने बताया कि तकरीबन 77 घरों में जाकर भी विभागीय कर्मियों ने इस बीमारी से पीड़ित लोगों को दवाइयां बांटी हैं। डायरिया से पीड़ित तकरीबन चार दर्जन मरीजों को ड्रिप लगाई जा चुकी है। इस बीच सरकारी अस्पताल में दवाइयों की सप्लाई कम होने के कारण गरीब मरीजों को बाहर की दुकानों से महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। डायरिया से पीड़ित मरीजों ने बताया कि उन्होंने आईपीएच विभाग द्वारा सप्लाई पानी का का सेवन किया है और अचानक उन्हें दस्त और उल्टियां आनी शुरू हो गई थीं। उधर, आईपीएच विभाग के अधिशासी अभियंता मुकेश हीरा हालांकि पहले ही साफ कर चुके हैं कि उपमंडल मैहतपुर में पेयजल सप्लाई को लेकर एहतियात बरती जा रही है और क्लोरीनयुक्त पेयजल सप्लाई किया जा रहा है। उधर, देहलां क्षेत्र से रंजना, नीलम कुमारी, शांति देवी, राज कुमारी, शीला देवी, होशियार सिंह, मुकेश कुमार, चंदन, विनोद कुमार, भूषण कुमार, मनोहर लाल और हरबंस लाल आदि पीड़ितों ने बताया कि क्षेत्र में लोगों ने दवाइयां आदि ली हैं, लेकिन कई अन्य लोग भी डायरिया की शिकायत लेकर डाक्टरों के पास पहुंचे। भूषण, मुकेश और नीलम कुमारी ने आदि ने शिकायत की कि कई बार बच्चे नल से ही पानी पी रहे हैं। इससे भी वीरवार को कुछ बच्चों को उल्टी और दस्त की शिकायत हुई। इन लोगों ने कहा कि सरकारी तौर पर टीमें तो दौड़ाई जा रही हैं, लेकिन इस बीमारी की जड़ तक पहुंचने में टीमें कामयाब नहीं हो पा रही हैं।

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स्थिति सामान्य होने तक प्रभावित गांव में रहेगी टीम
डीसी अभिषेक जैन ने कहा कि आईपीएच अधिकारियों को डायरिया प्रभावित देहलां गांव सहित समूचे जिले में पेयजल योजनाओं और जल स्रोतों की समुचित साफ सफाई सुनिश्चित करने और क्लोरीनेशन के निर्देश दिए गए हैं। देहलां गांव में स्थिति सामान्य होने तक मेडिकल टीमों को वहीं डटे रहने और रोगियों के उपचार का खर्च चिकित्सा विभाग द्वारा वहन करने के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर रेडक्रास से भी यह खर्च वहन किया जाएगा।
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एसडीएम ने किया गांव का दौरा
डीसी के निर्देश पर वीरवार को एसडीएम धनवीर ठाकु र ने भी देहलां गांव का दौरा किया और रोगियों को उपलब्ध करवाई जा रही चिकित्सा सेवाओं व गांव की पेयजल स्कीम का भी निरीक्षण किया।

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