
चंडीगढ़: शहर के बाशिंदे अब अपने घरों की बेसमैंट में गाडिय़ां पार्क कर सकेंगे। चंडीगढ़ प्रशासन की मंशा है कि जो भी अपने घर में गैरेज बनाना चाहते हैं, उन्हें जमीन के नीचे गैरेज बनाने की अनुमति दी जाए। यह बात स्वतंत्रता दिवस पर चंडीगढ़ प्रशासक ने कही। प्रशासक ने सैक्टर-17 के परेड ग्राऊंड में तिरंगा फहराया।
इस दौरान अपने संबोधन में प्रशासक ने कहा कि देश के कई राज्यों में अंडरग्राऊंड गैरेज व रूफटॉप व्हीकल पार्किंग का प्रावधान है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए प्रशासन जमीन के नीचे गैरेज बनाने को अनुमति देने पर विचार कर रहा है।
पाटिल ने शहर में बढ़ती ट्रैफिक प्रॉब्लम पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यातायात की समस्या से निपटने के लिए जरूरी है कि सड़कों पर वाहन पार्क न हों। पाटिल ने शहरवासियों से अनुरोध किया कि वह अपने वाहन अपने घर के भीतर पार्क करें।
मास्टर प्लान पर दें राय
प्रशासक शिवराज पाटिल ने चंडीगढ़ मास्टर प्लान पर शहरवासियों को खुलकर राय व्यक्त करने की बात कही। प्रशासक ने कहा कि शहरवासी अपने विचार चीफ आर्कीटैक्ट को लिखकर भेजें। जिन्होंने अपने विचार व्यक्त कर दिए हैं, वह अगर दोबारा से कुछ व्यक्त करना चाहते हैं तो उन्हें एक और मौका दिया जाएगा।
दिल्ली मैट्रो जैसी होगी चंडीगढ़ मैट्रो
प्रशासक ने कहा कि चंडीगढ़ में प्रस्तावित मैट्रो रेल प्रोजैक्ट दिल्ली मैट्रो प्रोजैक्ट की तर्ज पर अमल में लाया जाएगा। इसके लिए एक कार्पोरेशन का गठन होगा, जिसमें केंद्र सरकार सहित पंजाब, हरियाणा और यू.टी. प्रशासक के अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल होंगे।
इस कड़ी में एग्रीमैंट तैयार होगा, जो संबंधित सरकारों को भेजा जाएगा। इस एग्रीमैंट के आधार पर ही मैट्रो की पूरी योजना अमल में लाई जाएगी। कार्पोरेशन मैट्रो योजना को अमल में लाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी, साथ ही मैट्रो चलाने का अधिकार भी कार्पोरेशन के पास होगा।
घर-घर में हो सोलर एनर्जी
प्रशासक ने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन की कोशिश शहर के प्रत्येक बाशिंदे को सोलर एनर्जी के प्रति उन्मुख करने की है। चंडीगढ़ प्रशासन ने प्रशासनिक कार्यालयों, सरकारी स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी अस्तपालों, पुलिस थानों सहित जेलों में सौर उर्जा उपलब्ध करवाने का निश्चय किया है। यह इसलिए किया जा रहा है कि यहां के बाशिंदे इसे देखकर अपने घरों, दुकानों, औद्योगिक स्थलों में सौर उर्जा का उपयोग बड़े पैमाने पर करें। इसके लिए प्रशासन की तरफ से सबसिडी भी मुहैया करवाई जाएगी।
प्रधानमंत्री देंगे 8 हजार लोगों को घर
प्रशासक ने कहा कि सितम्बर महीने में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह 8000 लोगों को घर देंगे। उन्होंने कहा कि झोपड़पट्टी में रहने वालों को घर की सुविधा दे रहा है। अब तक 12 हजार घर बनाए जा चुके हैं, जिसमें से 4 हजार घर लोगों को दिए जा चुके हैं। अब 8 हजार घर दिए जाएंगे। इस कड़ी में आने वाले समय में 13 से 14 हजार घरों का निर्माण किया जाएगा। इनमें खास बात यह होगी कि यह घर एक कमरे वाला नहीं बल्कि 2 कमरों वाला होगा।
30 प्रतिशत कमजोर तबके को मिले शिक्षा
प्रशासक ने कहा कि प्रशासन शैक्षणिक व चिकित्सक संस्थाओं को मदद देने के लिए वचनबद्ध है। इसके तहत कई संस्थाओं को मदद दी जा रही है। इसी कड़ी में अन्य सरकारी व निजी संस्थाओं को मदद देने की नीति भी तैयार की जा रही है। इसके बदले प्रशासन की अपेक्षा केवल इतनी है कि कम से कम 30 प्रतिशत कमजोर तबके के बच्चों को निजी संस्थाओं में प्रवेश जरूरी हो।
खिलाडिय़ों को मिलेगी सहायता
प्रशासक ने कहा कि चंडीगढ़ के कई खिलाड़ी विभिन्न खेलों में नाम रोशन कर रहे हैं। क्रिकेट के साथ-साथ प्रशासन रोइंग, स्केटिंग, शूटिंग व अन्य खेलों में खिलाडिय़ों की पूरी मदद करेगा। इसके लिए प्रशासन योजना तैयार कर रहा है, ताकि खिलाडिय़ों को प्रोत्साहित किया जा सके।
सैंट्रल कंट्रोल रूम की तैयारी
प्रशासक ने कहा कि चंडीगढ़ में सैंट्रल कंट्रोल रूम बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके साथ मोबाइल पुलिस स्टेशन्स की संख्या में बढ़ौतरी की जाएगी। पुलिस को अधिक सशक्त बनाने के लिए आधुनिक कम्युनिकेशन के साधन दिए जाएंगे। नए हथियार व ट्रेनिंग भी दी जाएगी। चंडीगढ़ में पुलिस की संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है।
