रोजाना जेलों में पहुंच रहा है 50 करोड़ रूपए का नशा!

चंडीगढ़: पंजाब की जेलों में करीब 50 करोड़ रूपए का नशा रोजाना पहुंचता है। पंजाब के पूर्व डीजीपी प्रिजन शशिकांत ने मंगलवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में रिपोर्ट देकर यह स्वीकार किया है कि जेलों में नशे का कारोबार चरम सीमा पर है। डीजीपी ने बताया कि जब वह 2002 में सेवानिवृत्त हुए थे तब एक कैदी ने उन्हें बताया कि जेल में रोजाना नशा आता है और इस नशे के 50 से 55 फीसदी के करीब कैदी आदि हो चुके हैं। इस पर चीफ जस्टिस संजय किशन कौल व जस्टिस एजी मसीह की खंडपीठ ने पंजाब सरकार से जवाब मांगा है।

रोपड़ जेल में बंद कैदी त्रिलोचन सिंह ने कहा कि जेल में स्टाफ की मदद से नशा पहुंच रहा है। अगर इस बात का कोई विरोध करता है तो उसे प्रताड़ित किया जाता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जेल में कैदियों तक नशा पहुंचाने के लिए गोलियों के कोर्ड वर्ड रखे गए हैं। इसके द्वारा नशा कैदियों तक पहुंचता है।

इसके अतिरिक्त रिपोर्ट में कहा गया कि नशे के साथ साथ जेल में तेजी से गुमराह करने वाली सेक्सुअल प्रैक्टिस भी जोर पकड़ रही है। चाहे पंजाब एड्स कंट्रोल सोसाइटी नशा मुक्ति केंद्रों की व्यवस्था की गई है लेकिन उनमें से एक भी संस्था अपना कार्य ठीक ढंग से नहीं कर रही। रिपोर्ट में जेल में पहुंच रहे नशे को रोकने के बारे में बताया गया है कि जेल में समय-समय पर स्टाफ में बदलाव होना चाहिए। कैदियों के लिए कोई भी चीज जैसे खाना बाहर से नहीं आना चाहिए।

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