जो जीतेगा छात्राओं का विश्वास, जीत उसी की

ज्वालामुखी (कांगड़ा)। मंदिर न्यास श्री ज्वालामुखी की ओर से संचालित डिग्री कालेज ज्वालाजी में स्टूडेंट कालेज एसोसिएशन के चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कालेज में एनएसयूआई और एबीवीपी ने अपने योद्धा चुनावी मैदान में उतार दिए हैं। यहां छात्राओं की संख्या छात्रों से कहीं अधिक है, ऐसे में अब छात्र संगठनों को चुनाव जीतने के लिए पहले छात्राओं का विश्वास जीतना होगा। अगर, छात्र संगठन छात्राओं का विश्वास जीतने में सफल रहते हैं, तो उस छात्र संगठन की जीत पक्की समझी जा रही है।
पैनल घोषित करने के बाद छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने छात्राओं से मेलजोल बढ़ाना शुरू कर दिया है। हालांकि छात्र संगठन कालेज के सरकारीकरण के मुद्दे को लेकर भी चुनाव लड़ रहे हैं। डिग्री कालेज में 810 के करीब छात्र-छात्राएं हैं। इनमें 722 विद्यार्थी वोटिंग करेंगे। इनमें 600 के करीब छात्राएं शामिल हैं। अब छात्राओं की पसंद जिस छात्र संगठन की ओर रहेगी, उस संगठन की जीत पक्की समझी जा रही है। छात्र संगठनों ने दावा किया है कि जीतने के बाद कालेज के सरकारीकरण को लेकर आवाज उठाई जाएगी। 2011 में जहां एनएसयूआई ने अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया था, वहीं 2012 में एबीवीपी ने चारों सीटें जीती थीं। इस बार भी दोनों ही छात्र संगठन आमने-सामने हैं।

छात्र संगठनों ने घोषित किया पैनल
डिग्री कालेज ज्वालाजी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने अध्यक्ष अंचल कुमार, उपाध्यक्ष मनदीप राणा, महासचिव प्रियंका धीमान और सहसचिव पद पर शालू कुमारी को चुनाव मैदान में उतारा है। वहीं, एनएसयूआई ने अध्यक्ष दीपक शर्मा, उपाध्यक्ष संदीप शर्मा, महासचिव वंदना सडयाल, सहसचिव पद के लिए पूनम राणा को पैनल में जगह दी है।

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