पंजाब सरकार द्वारा पुरानी जेल को खाली कर पुडा को कब्जा देने के आदेश

अमृतसर: पंजाब सरकार की कारगुजारी पर यदि एक नजर डाली जाए तो हैरानी भी होती है और हंसी भी आती है कि यह कैसा प्रशासन है। मौजूदा पुरानी केन्द्रीय जेल की कुल 93 एकड़ जमीन को 8 जून, 2013 को 38वीं मीटिंग, जो चंडीगढ़ में पंजाब सरकार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई थी, में अमृतसर की केन्द्रीय जेल में सारी 93 एकड़ मीन को पुडा के हवाले करने का फैसला हुआ था। प्रथम चरण में पुडा ने कुल 93 एकड़ जमीन में से खाली पड़ी 17 एकड़ जमीन का कब्जा ले लिया था।

आज जब पुरानी सैंट्रल जेल में बाकी 76 एकड़ जमीन का कब्जा लेने के लिए पंजाब शहरी योजनाबंदी और विकास अथारिटी यानी पुडा के सहायक टाऊन प्लानर गुरु सेवक सिंह अपने स्टाफ के साथ पहुंचे तो उन्होंने 3,546 कैदियों से भरी जेल और सारे जेल स्टाफ को बाहर कर बाकी 76 एकड़ का कब्जा लेने की मांग की। इस आदेश को सुन कर केन्द्रीय जेल के उच्च अफसर हक्के-बक्के रह गए कि 1,600 कैदियों की क्षमता वाली जेल में 3,546 कैदियों और 300 से अधिक स्टाफ कर्मियों को लेकर कहां जाएं?

प्रमुख जेल अधिकारी ने बताया कि नई जेल बनाने के लिए पंजाब सरकार ने झब्बल रोड पर भराड़ीवाल गांव के पास 67 एकड़ जमीन तो अपने कब्जे में ली हुई है, पर अब तक इस जमीन पर नई जेल के निर्माण के लिए कोई भी नींव पत्थर तक नहीं रखा गया है। जेल अधिकारियों ने उक्त विवरण चंडीगढ़ स्थित अपने उच्चाधिकारियों को भेज दिया है। पुरानी जेल खाली नहीं हो सकती, नई जेल का निर्माण होने में कितना समय लगेगा, सरकार इसको लेकर वित्तीय संकट में है, पर पुडा विभाग के अधिकारी भी गुरु राम दास अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा नजदीक होने के कारण पुरानी जेल की इस जमीन की बिक्री करके करोड़ों से अरबों रुपए कमाने के लिए तड़प रहे हैं, परिणामस्वरूप जेल स्टाफ और कर्मियों का भविष्य अधर में लटक गया है

Related posts