वाटर गार्डों ने बोला हल्ला

हमीरपुर। पंचायतों में तैनात वाटर गार्डों ने मांगों को लेकर वीरवार को प्रदर्शन किया। वाटर गार्डों ने भोटा चौक से गांधी चौक तक रैली निकाली तथा मुख्यमंत्री को उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किया। वाटर गार्डों ने उन्हें दैनिक वेतनभोगी बनाने की मांग की। इससे पूर्व सर्वहित सुधार सभा भवन में मांगों को लेकर विचार-विमर्श किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिला प्रधान राजेंद्र कुमार ने की।
जिला प्रधान राजेंद्र कुमार ने कहा कि वर्ष 2006 में कांग्रेस सरकार द्वारा सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग में पंचायतों के माध्यम से 4200 के करीब वाटर गार्ड रखे गए थे। वर्ष 2012 में दो हजार के करीब वाटर गार्ड रखे गए।वाटर गार्डों से दिन में चार घंटे ड्यूटी ली जानी तय हुई थी। वर्तमान में विभाग चार घंटों के बजाय पूरा दिन ड्यूटी ले रहा है जबकि वाटर गार्डों को मात्र 1350 रुपये वेतन दिया जा रहा है। उन्होेंने कहा कि सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग में बेलदारों और हेल्परों के हजारों पद रिक्त पड़े हैं। विभाग के पास स्टाफ की कमी है। ऐसे में वाटर गार्डों की नियुक्ति करने से शार्टेज को पूरा किया जा सकता है। इससे विभाग को राहत मिलेगी। लोगों को भी बेहतर सुविधाएं मुहैया हो पाएंगी। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि वाटर गार्डों को दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी बनाया जाए। ऐसे में नियमानुसार 8 घंटे सेवाएं ली जा सकती हैं। वाटर गार्डों ने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को मांगों का ज्ञापन भेजा है। रैली में वाटर गार्ड यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष भपेंद्र चंदेल, उपप्रधान सुरजीत सिंह, सचिव दीपिका कुमारी, गुरदेव, सुरेंद्र कुमार, सुनील कुमार आदि मौजूद रहे।

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