महाराजा फरीदकोट की संपत्ति के फैसले को मिलेगी चुनौती

चंडीगढ़: फरीदकोट के महाराजा हरिंद्र सिंह बराड़ की कई जगहों पर फैली करीब 22 हजार करोड़ की संपत्ति पर हाल ही में आए जिला अदालत के फैसले को कंवर भरत इंद्र सिंह चुनौती देंगे। कंवर भरत इंद्र के बेटे अमर इंद्र सिंह बराड़ ने अपने पिता की तरफ से जानकारी दी कि निचली अदालत ने मामले को लेकर तथ्यों की बारीकी से जांच नहीं की है। ऐसे में महाराजा हरिंद्र सिंह द्वारा बेदखल की गई उनकी बेटी अमृत कौर के हक में फैसला सुना दिया। इस फैसले के खिलाफ अब वह सत्र न्यायालय जाएंगे।ध्यान रहे कि कंवर भरत राजा हरिंद्र सिंह के छोटे भाई के बेटे हैं।

उन्होंने अपनी अपील में प्राइमोजिनेचर नियम व वर्ष 1952 की वसीयत को मुख्य आधार बताया है। प्राइमोजिनेचर नियम के मुताबिक राजा का वारिस व सारी संपत्ति का मालिक उसके बाद सबसे बड़ा व्यक्ति (पुरुष) होता है। वहीं वर्ष 1952 की वसीयत में राजा हरिंद्र सिंह बराड़ ने अपनी बेटी अमृत कौर को किन्हीं कारणों से अपनी संपत्ति का हकदार नहीं बनाया था। अदालत ने वर्ष 1982 वाली वसीयत को भले ही जाली करार दे दिया हो मगर सारी संपत्ति की हकदार अमृत कौर नहीं बन सकती।

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