
हमीरपुर। शहर में काफी संख्या में सार्वजनिक नलों का व्यावसायिक उपयोग हो रहा है लेकिन सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग के पास कोई आंकड़ा नहीं है। विभाग को यह तो जानकारी है कि शहर में कितने पब्लिक टैप (सार्वजनिक नल) लगे हैं, परंतु चिंहित नहीं किए गए हैं। नलों का बिल नगर परिषद द्वारा घरेलू दरों पर दिया जा रहा है। इसके चलते नगर परिषद पर भी अतिरिक्त भार पड़ रहा है और व्यावसायिक उपयोग से आईपीएच विभाग को भी नुकसान हो रहा है।
आईपीएच विभाग ने हमीरपुर शहर में करीब 98 सार्वजनिक नल लगाए हैं। नल घरेलू उपभोक्ताओं को लाभान्वित करने के उद्देश्य से लगाए गए थे परंतु वर्तमान में काफी संख्या में सार्वजनिक नलों का उपयोग व्यावसायिक तौर पर हो रहा है। यह नल दुकानों, ढाबों के बाहर लगे हैं तथा इनका उपयोग साथ लगते दुकानदार कर रहे हैं। आईपीएच विभाग बेखबर है। विभाग ने शहर में लगाए सार्वजनिक नलों को चिंहित भी नहीं किया है जिससे पहचान की जा सके। नलों का उपयोग दुकानदारों द्वारा किया जा रहा है लेकिन नप द्वारा बिल घरेलू दरों पर अदा किए जा रहे हैं।
उधर, सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग हमीरपुर के अधिशासी अभियंता ई. वीके ढटवालिया का कहना है कि जल्द ही सर्वे करवाकर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। शहर में 98 सार्वजनिक नल लगे हैं जिनका बिल नगर परिषद द्वारा भरा जाता है।
