
शिमला। सेंट थॉमस स्कूल में शनिवार को साइंस प्रदर्शनी में आठवीं की साक्षी, अभिषेक और साथी छात्राओं ने उत्तराखंड त्रासदी को दिखाया। मॉडलों के माध्यम से समझाया गया कि किस तरह पहाड़ी राज्य में बेतरतीब निर्माण, पर्यावरण प्रदूषण और अन्य कारणों से यह आपदा आई। यह भी बताया गया कि आपदा के वक्त आर्मी स्थिति से कैसे निपटती है।
प्रदर्शनी में आईएआरआई रिजनल स्टेशन सीएचसी शिमला एवं प्रधान वैज्ञानिक डा. कलोल प्रमाणिक ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। प्रधानाचार्य विदुप्रिया चक्रवर्ती ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। डा. कलोल ने छात्रों द्वारा बनाए गए मॉडल और छात्रों की प्रतिभा की सराहना की। प्रदर्शनी में सातवीं के हितेश, रेशमा, मुस्कान ने फ्यूचर ट्रांसपोर्ट कम्युनिकेशन ऑफ शिमला के मॉडल में आज से पंद्रह साल बाद शिमला में यातायात के विकसित होने वाले माध्यमों के बारे में बताया। इस मॉडल में मोनो रेल और बस अड्डे से जाखू तक टिंबर ट्रेन को दर्शाया गया। छठी की खुशी, मोहित, अनिंदया ने वाटर साइकिल के मॉडल को बनाया। प्रधानाचार्य विधु प्रिया चक्रवर्ती, साइंस की शिक्षिका पारूल भाटिया ने बताया कि पहली से आठवीं कक्षा तक के छात्रों ने करीब 25 मॉडल बनाकर प्रदर्शित किए।
