
मोगा (आजाद): पंचायत चुनाव से पहले 2 गुटों में हिंसक झड़प व अंधाधुंध गोलियां चलने का पता चला है जिसमें वरिष्ठ अकाली नेता दविन्द्र सिंह रनियां निवासी मोगा हाल अमरीका, सुरजीत सिंह निवासी रनियां, मंगलजीत सिंह निवासी कोटकपूरा रोड मोगा के अलावा मंगत सिंह, सर्बजीत सिंह दोनों निवासी रनियां के गोलियों के छर्रे तथा ईंट-पत्थर लगने के कारण घायल होने का पता लगा है।
दविन्द्र सिंह रनियां, सुरजीत सिंह तथा मंगलजीत सिंह को उनकी नाजुक हालत होने के कारण लुधियाना के डी.एम.सी. अस्पताल में दाखिल करवाया गया है जबकि दूसरे पक्ष के मंगत सिंह तथा सर्बजीत सिंह को पहले बाघापुराना अस्पताल लाया गया लेकिन डाक्टरों ने उनकी नाजुक हालत को देखते हुए मैडीकल कालेज फरीदकोट रैफर कर दिया।
इस संबंध में बधनीकलां पुलिस द्वारा दविन्द्र सिंह रनियां पुत्र मलकीत सिंह के बयानों पर अजीतपाल सिंह, हरजीत सिंह, रंजीत सिंह, जसकरन सिंह, सर्बजीत सिंह, सन्नी, रणबीर सिंह, इकबाल सिंह, बचित्तर सिंह व दलजीत सिंह सभी निवासी रनियां के विरुद्ध घेरकर जानलेवा हमला करने तथा असला एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
उक्त घटना का पता चलने पर डी.एस.पी. जसविन्द्र सिंह घारू निहाल सिंह वाला, थाना बधनीकलां के प्रभारी दर्शन सिंह, सहायक थानेदार राजिन्द्र सिंह, सहायक थानेदार बलविन्द्र सिंह, सहायक थानेदार मंगल सिंह तुरंत पुलिस पार्टी सहित वहां पहुंचे और मामले की जांच की। उक्त मामले की आगामी जांच थाना बधनीकलां के प्रभारी दर्शन सिंह तथा सहायक थानेदार राजिन्द्र सिंह द्वारा की जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार दविन्द्र सिंह रनियां ने पुलिस को बताया कि वह अमरीका में रहता है और अकाली दल (ब) से संबंधित हैं। वह अक्सर अमरीका से इंडिया अपने घर आता-जाता रहता है। उसकी भाभी नरिन्द्र कौर पत्नी हरिन्द्र सिंह रनियां (मैंबर शिरोमणि कमेटी) जो गांव रनियां की मौजूदा सरपंच है, इस बार भी सरपंच का चुनाव लड़ रही है जिस कारण वह अपने गांव रनियां आया हुआ था।
दूसरे पक्ष का अजीतपाल सिंह जो पूर्व ब्लाक समिति मैंबर है, भी सरपंच का चुनाव लड़ रहा है। गत देर रात्रि जब वह अपनी गाड़ी पर रनियां से अपने घर मोगा वापस जाने लगा, तो कथित आरोपियों ने उसकी गाड़ी के आगे गाड़ी लगाकर घेर लिया। उसने किसी तरह किसी के घर में घुसकर जान बचाई। जब वह कुछ समय के बाद वापस अपनी गाड़ी में बैठा, तो कथित आरोपी जो उसका इंतजार कर रहे थे व असले तथा तेजधार हथियारों से लैस थे, ने जानलेवा हमला कर दिया और अंधाधुंध गोलियां चलाने लगे जिस पर वह तथा उसके 2 अन्य साथी गोलियां लगने के कारण बुरी तरह से घायल हो गए।
उसने अपने भाई तथा अन्य लोगों को उस पर हुए जानलेवा हमले की जानकारी दी, जिस पर वे भी वहां पहुंच गए लेकिन कथित हमलावर जान से मारने की धमकियां देते हुए अपनी गाडिय़ों में बैठकर भाग निकले। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना थाना बधनीकलां तथा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को दी।
जानकारी के अनुसार इस झगड़े में दूसरे पक्ष के मंगल सिंह तथा सर्बजीत सिंह भी बुरी तरह से घायल हो गए और कुछ व्यक्तियों को मामूली चोटें आईं। सभी घायलों को अस्पताल दाखिल करवाया गया है। जानकारी के अनुसार गत देर रात्रि जब दविन्द्र सिंह रनियां तथा अन्य घायल गाड़ी में सवार होकर उपचार हेतु मोगा के सिविल अस्पताल आ रहे थे तो दोसांझ चौक के पास उनकी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई लेकिन कोई जानी नुक्सान नहीं हुआ।
पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों पक्ष अकाली दल से संबंधित हैं लेकिन दोनों पक्षों के मध्य करीब 20-25 वर्षों से रंजिश चलती आ रही है। इसी रंजिश के चलते ही उक्त झगड़ा हुआ। सहायक थानेदार राजिन्द्र सिंह ने बताया कि फरीदकोट दाखिल मंगत सिंह तथा सर्बजीत सिंह के बयान दर्ज करने के बाद उनके बयानों पर दूसरे पक्ष के व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस मामले में दोनों पक्षों के किसी कथित दोषी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। थाना प्रभारी दर्शन सिंह ने बताया कि वह उक्त मामले की जांच कर असलियत जानने का प्रयास कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार हरिन्द्र रनियां के विरोधी पक्ष के सरपंच का चुनाव लड़ रहे अजीतपाल सिंह तथा उसके भाई हरजीत सिंह व अन्य ने दविन्द्र सिंह रनियां द्वारा लगाए जा रहे जानलेवा हमले के दोषों को गलत बताया। उन्होंने उक्त मामले की जिला पुलिस अधीक्षक से जांच की गुहार लगाई है, ताकि उन्हें सच्चाई का पता लग सके। उन्होंने कहा कि जो मामला हमारे विरुद्ध दर्ज किया गया है, वह झूठा है। थाना प्रभारी दर्शन सिंह तथा सहायक थानेदार राजिन्द्र सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों के कथित दोषियों को काबू करने के लिए छापामारी की जा रही है।
