
लुधियाना: राज्य की जेलों में जहां कैदियों को अच्छी सुविधाओं के साथ उन्हें रोजगार के साथ जोड़े रखने हेतु पंजाब सरकार व जेल मंत्रालय द्वारा कई प्रयास किए जा रहे हैं वहीं अपने गुनाहों की सजा काट रहे कई कैदी भविष्य में अच्छा बनने का भी उद्देश्य रखते हैं। ए.डी.जी.पी. (जेल) आर.पी. मीणा द्वारा कैदियों में शिक्षा का दीपक जलाने के लिए प्राइमरी, मिडल, मैट्रिक, स्नातक, स्नातकोत्तर व बी.सी.ए. तक की शिक्षा देने के प्रयास को एक अच्छी सफलता मिली है।
इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी खन्ना ने ताजपुर रोड, केन्द्रीय जेल में अपना सैंटर खोल दिया है। जेल में शिक्षा विभाग इंचार्ज रविन्द्र कुमार कटोच ने बताया कि यूनिवर्सिटी ने जेल में 100 के लगभग दाखिला फार्म भेज दिए हैं। इनमें से 30 बंदियों ने बी.पी.पी., तीन ने बी.ए. व 2 बंदियों ने बी.सी.ए. के फार्म भर दिए हैं। फार्म भरने वाले बंदियों की संख्या 35 हो गई है।
कटोच ने बताया कि जैसे जेल में शिक्षा प्राप्त करने वाले बंदी अपने स्कूल या कालेज प्रमाण पत्र मंगवाएंगे, वैसे ही उनके दाखिला फार्म भरे जाएंगे। इस संबंध में जेल सुपरिंटैंडैंट एस.पी. खन्ना ने बताया कि शिक्षा ग्रहण की चाह रखने वाले कैदी व हवालातियों को अच्छी शिक्षा ग्रहण करवाने के लिए जेल विभाग ने कई मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं से सम्पर्क किया जिनमें से कई संस्थाओं ने जेल के बाहर ही शिक्षा दिलाने के विचार प्रकट किए लेकिन कैदियों व हवालातियों को सुरक्षा के मद्देनजर जेल से बाहर शिक्षा दिलाना उचित नहीं था।
आखिरकार ए.डी.जी.पी. (जेल) आर.पी. मीणा के प्रयास सफल हुए, जब उक्त यूनिवर्सिटी ने जेल के अंदर अपना सैंटर खोलने का निर्णय लिया। जेल के डिप्टी सुपरिंटैंडैंट अमरीक सिंह मांगट ने कहा कि शिक्षा प्राप्त करने वाले कैदियों व हवालातियों को अलग बैरक में रखा जाएगा। जैसे-जैसे शिक्षा ग्रहण करने वाले बंदियों की संख्या बढ़ती जाएगी वैसे-वैसे नई बैरकें भी बनाई जाएंगी।
