बचपन में लगा ‘दिल का रोग’

टौणी देवी (हमीरपुर)। स्कूल में पढ़ रहे नौनिहालों को कई रोगों ने जकड़ रखा है। इन्हें दिल का रोग भी लग रहा है। अधिकतर अनीमिया, आंखों के रोग से ग्रस्त हैं। मुख्यमंत्री विद्यार्थी स्वास्थ्य योजना में जांच के दौरान यह खुलासा हुआ है। छात्र दिल के रोग से भी ग्रस्त हैं। स्वास्थ्य विभाग ने छात्रों में पाए जाने वाले रोगों के निदान के लिए भी प्रयास तेज कर दिए हैं।
चिकित्सा खंड टौणी देवी में स्कूल हेल्थ कार्यक्रम के दौरान राजकीय माध्यमिक पाठशाला पुरली, भराइयां दी धार तथा ऊटपुर में बच्चों की जांच की गई। स्कूलों में लगभग 235 बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की गई। 122 लड़कियां तथा 113 लड़के शामिल हैं। 44 बच्चों में अनीमिया, 37 में आंखों के रोग तथा 13 में ईएनटी के रोग पाए गए। दो बच्चे दिल के रोगी पाए गए। इनका मुफ्त उपचार आईजीएमसी शिमला में किया जाएगा।
स्वास्थ्य शिक्षक सतीश शुक्ला ने स्कूल छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों को स्लाइड शो के माध्यम से विभिन्न बीमारियों की रोकथाम के बारे में विस्तार से अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि बच्चों में गंभीर बीमारी पाई जाती है तो उसका मुफ्त इलाज टांडा या आईजीएमसी शिमला में करवाने का प्रावधान सरकार ने कर दिया है। जांच टीम में डा. शिवानी, प्यारे लाल शर्मा, अजय, रविकांत, पंकज, डा. कविश, राजकुमारी, सुमन, गिरिजा, जगरूप, राम चंद मौजूद रहे।

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