
शिमला। राजधानी शिमला में डिस्काउंट के नाम पर टैक्स बचाने वाले और अवैध रूप से चल रहे होटलों के चालान काटे गए हैं। होटल हजार रुपये का बिल काटकर वसूली दो हजार रुपये की करते पाए गए हैं। गैर पंजीकरण चल रहे तीन होटलों को भी पर्यटन विभाग ने पकड़ा है। रिसेप्शन पर रेट लिस्ट डिस्पले न करने वालों पर भी कार्रवाई की गई है। पर्यटन विभाग के उप निदेशक सुरेंद्र जस्टा ने इसकी पुष्टि की है।
पर्यटन सीजन के रफ्तार पकड़ते ही पर्यटन विभाग ने अवैध रूप से चल रहे होटलों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पर्यटन विभाग के इंस्पेक्टर (होटल) रवि धीमान की अगुवाई में सोमवार को जाखू व आसपास के इलाके में करीब 28 होटलों में औचक निरीक्षण किया गया। जांच पड़ताल के दौरान होटलाें में गैर पंजीकृ त कमरों में पर्यटकों को ठहराने के मामले सामने आए हैं। सीजन के दौरान अधिक मुनाफा कमाने के लिए होटल के अतिरिक्त कमरों को भी किराये पर चढ़ा दिया गया है। इतना ही नहीं कमरों की बुकिंग में डिस्काउंट के नाम पर हेराफेरी करने वाले 11 होटल संचालकों के चालान काटे गए हैं। होटलों की रिसेप्शन पर किराए पर चढ़े कमरों, खाली कमरों व रूम रेंट की विस्तृत जानकारी प्रदर्शित न करने वाले होटल संचालकों पर भी विभाग ने कार्रवाई की है। होटलों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।
