
कुल्लू। उत्तराखंड और किन्नौर में हुई तबाही का असर कुल्लू-मनाली के पर्यटन कारोबार पर भी पड़ा है। कारोबार करीब 40 फीसदी तक घट चुका है। सैकड़ों पर्यटकों ने किन्नौर में हुई तबाही के बाद होटलों की बुकिंग तक रद करवा दी है। इसे लेकर कारोबारी खासे चिंतित हैं।
पर्यटन व्यवसायियों का कहना है कि हिमाचल में भारी बारिश की सूचना मिलने के बाद सैकड़ों पर्यटकों ने कुल्लू-मनाली का कार्यक्रम रद कर बुकिंग कैंसल करवा दी है। कुल्लू मनाली में 15 जुलाई तक पर्यटन सीजन चरम पर रहता है। लेकिन उत्तराखंड और किन्नौर में बारिश से हुई भारी क्षति से पर्यटन कारोबार चौपट होकर रह गया है। सैकड़ों पर्यटकों ने तो बुकिंग ही रद करवा दी है। पर्यटकों का कहना है कि इन दिनाे हिमाचल में जोरदार बरसात हो रही है लेकिन कुल्लू-मनाली में बरसात नहीं है। बावजूद इसके पर्यटन कारोबार गति नहीं पकड़ पा रहा। जानकारी के अनुसार मनाली से दिल्ली के लिए वोल्वो और दूसरी लग्जरी बसों की एडवांस बुकिंग चल रही है लेकिन दिल्ली से मनाली के लिए बहुत कम पर्यटक आ रहे हैं। पर्यटन सीजन में गिरावट के कारण अधिकतर छोटे होटल खाली हो चुके हैं। बड़े होटलों में भी 50 से 60 प्रतिशत तक बुकिंग है।
जून में ही खत्म होने लगा है सीजन
होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनूप ठाकुर ने कहा कि किन्नौर में बारिश से हुई तबाही की सूचना के बाद कारोबार में 40 फीसदी की गिरावट आई है। सैकड़ों पर्यटकों ने बुकिंग रद करवा दी है। 15 जुलाई तक चलने वाला पर्यटन सीजन इस बार जून माह में खत्म होने लगा है। पर्यटन सीजन शुरू में काफी धीमा रहा और अब जून माह में खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है।
