
हमीरपुर। कबीर साहब का 115 प्रकटोत्सव कबीर भवन सलासी में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश सीएल कोछड़ ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। कार्यक्रम में पहुंचने पर कबीर पंथ सुधार सभा द्वारा शाल भेंट कर और फूल मालाएं पहनाकर सम्मानित किया गया। कबीरवाणी गायन के बाद झंडारोहण किया गया। तत्पश्चात सत्संग का आयोजन किया गया। प्रवचन करते हुए महात्मा प्रणवानंद महाराज ने कबीर साहिब के दोहों, उनके जीवन की घटनाओं, कबीर वाणी के प्रसंग से संगत को निहाल किया।
स्वामी अटलानंद जी महाराज ने कबीर साहिब की रचनाओं की रूपरेखा के बारे में लोगों को परिचित करवाया। कबीर साहिब शिक्षा, सर्वभौम सत्य है, जिसे हर धर्म, हर समुदाय, हर विचारक ने सराहा है। जो कुछ कहा वह उस समय भी सत्य था और आज भी सत्य है, भविष्य में भी सत्य रहेगा। कबीर भगवान धाम हरिद्वार से पहुंचे स्वामी विशवानंद महाराज ने प्रवचन सुनाकर संगत को निहाल किया। सत्संग के बाद मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया जिसमें विनय कुमार, कुमारी पूजा व कुमारी सुप्रिया शामिल हैं। साथ ही सेवानिवृत्त भक्तो को भी सम्मानित किया गया। जगदीश चंद कौंडल, मनसुख राम, सीता राम शामिल हैं।
सभा के मुख्य संरक्षक बेली राम कौंडल, सभा के प्रधान पंजाब सिंह कौशल ने भी कबीर साहिब के बारे में विचार रखे। मुख्य सलाहकार सतपाल कौशल, नानक चंद कौंडल, डा. रणजीत बन्याल, जेएल चांदला, जनक राज, कांशी राम, सीता राम, सुरेश डोगरा, संदेश कुमार, वीना भाटिया, विजय कुमार, सतीश कौशल, अंजू कौंडल, किस्मत सिंह राणा उपस्थित रहे।
