
शिमला। राजधानी में पेयजल और सीवरेज व्यवस्था को ठेके पर देने के विरोध में नागरिक सभा शिमला ने बुधवार को उपायुक्त आफिस के बाहर प्रदर्शन किया। लोअर बाजार से होते हुए शेरे पंजाब तक रैली निकाली गई। शेरे पंजाब पर रैली को संबोधित करते हुए सरकार पर जनता के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया गया। सभा ने चेताया कि अगर आउटसोर्सिंग की प्रक्रिया को रद नहीं किया गया तो शहर में चक्का जाम किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो गिरफ्तारियां देने से भी सभा के सदस्य गुरेज नहीं करेंगे।
सभा के अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि पानी और सीवरेज के निजीकरण से शिमला की जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। निजीकरण से पानी की दरों में पांच गुना तक बढ़ोतरी हो जाएगी। निगम के सैकड़ों कर्मचारियों के रोजगार पर खतरा मंडराएगा। प्रदेश सरकार जानबूझ पर ठेकेदारी प्रथा को बल दे रही है। नगर निगम के सर्वसम्मत प्रस्ताव को ठुकराकर जाहिर कर दिया है कि सरकार ठेकेदारों के पक्ष में है और आम आदमी की कोई भी चिंता नहीं है। सभा के सचिव मुनीष शर्मा ने कहा कि सरकार ने अगर आउटसोर्सिंग की प्रक्रिया को रद नहीं किया तो विरोध प्रदर्शन के दूसरे चरण में सभा चक्का जाम करेगी। जनता के हितों की खातिर अगर गिरफ्तारियां देने की जरूरत पड़ी तो इससे भी गुरेज नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर नागरिक सभा ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन में किशोरी ढटवालिया, सत्यवान पुंडीर, बचन नेगी, फालमा चौहान, कपिल भारद्वाज, विवेक कश्यप, रामू, राजेंद्र चौहान, प्रकाश, जगतराम, डा. ओंकार शाद, मनोज सुयाल, कांता सुयाल, पूर्ण, कपिल नेगी, विनोद लवली, रंजीव कुठियाला, राजीव ठाकुर, टेकचंद, बलवीर पराशर, भूपेंद्र कंवर, हेमराज चौधरी, श्याम लाल, स्वाति डोगरा, स्वाति तंवर, प्रेम कायथ, अमिता सूद, बालक राम, विनोद विरसांटा, संजीव खजूरिया, आशीष जमालटा, ओम प्रकाश भारती और भानू शर्मा सहित कई अन्य मौजूद रहे।
