
नग्गर (कुल्लू)। धरोहर गांव नग्गर में इन दिनों रोजाना भारी संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं। हर रोज करीब 500 पर्यटक ऐतिहासिक नग्गर कैसल, नग्गर, रोरिख आर्ट गैलरी, माता त्रिपुरी के मंदिर में दस्तक दे रहे हैं। कैसल की नक्काशी पर्यटकों को काफी आकर्षित कर रही है। वहीं निकोलस रोरिख की पेंटिंग पर बने कुल्लू, लाहौल-स्पीति, लेह-लद्दाख और तिब्बत के पहाड़ पर्यटकों को लुभाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। नग्गर के प्राकृतिक सौंदर्य को कैमरे में कैद कर पर्यटक शीतल वादियों का आनंद ले रहे हैं। दिल्ली से पहुंचे पर्यटक अमित और उनके परिवार का कहना है कि कुल्लू-मनाली स्वर्ग है। यहां का ठंडा वातावरण औषधि का रूप है। चेन्नई के मनोज और सुरेश ने बताया कि यहां का मौसम बहुत सुहावना है। विदेशी पर्यटकों में रशिया के ओल्गा ने बताया कि यहां का वातावरण रशिया जैसा है। इसलिए उन्होंने यहां आना बहुत अच्छा लगता है।
