
शिमला। नगर निगम के सदन में सोमवार को संजौली, चम्याणा और ढली के पार्षदों ने पानी की नियमित सप्लाई न मिलने पर मोर्चा खोल दिया। तीनों वार्डों के पार्षदों ने एकजुट होकर निगम सदन में चेतावनी दी है कि अगर पानी नहीं मिला तो शहर की सप्लाई रोक दी जाएगी। इन वार्डों से होकर ही शहर में पानी की सप्लाई पहुंचती है। इस पर उप महापौर टिकेंद्र पंवर ने मामला शांत करते हुए बुधवार को जल शाखा के अधिकारियों समेत फील्ड स्टाफ को ढली में तलब किया है। पार्षदों का आरोप है कि उनके वार्डों में सप्ताह में एक दिन भी पर्याप्त सप्लाई नहीं मिल पा रही है।
ढली के पार्षद शैलेंद्र चौहान, चम्याणा के पार्षद नरेंद्र ठाकुर और संजौली की पार्षद सत्या कौंडल ने कहा उनके वार्डों में तीसरे दिन पानी दिया जाता है। लेकिन बीते दस दिन के दौरान सिर्फ एक दिन ही पानी की सप्लाई मिली है। जो सप्लाई मिली है, वो भी नाममात्र के लिए। सोमवार को निगम की मासिक बैठक में हिस्सा लेते हुए पार्षदों ने कहा कि गिरि, अश्वनी, गुम्मा, चुरट और चेयड़ पेयजल योजना की पाइप लाइन संजौली, ढली और चम्याणा वार्ड से होकर गुजरती हैं। लेकिन इन्हीं तीन वार्डों के लोगों को जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों को लामबंद कर निगम प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला जाएगा। अगर जरूरत पड़ी तो शहर की सप्लाई को रोक दिया जाएगा। ढली के पार्षद शैलेंद्र चौहान ने तो जल शाखा के कर्मियों पर पानी बेचने तक का आरोप लगाया।
