
शिमला। ‘छुट्टियों में लीजिए पहाड़ों की रानी (हिल्सक्वीन) शिमला में घूमने का मजा, बहुत ही सस्ती दरों पर, हमारे साथ ‘आनलाइन टूर प्रोग्राम’ बनने पर आपको मिलेगा 75 फीसदी तक डिस्काउंट।’ इन दिनों कुछ इस तरह ही इंटरनेट पर सैलानियों को सस्ते पैकेज के नाम पर ठगा जा रहा है। सैलानियों के साथ हो रही धोखाधड़ी की सूचना के बाद पर्यटन विभाग ने कार्रवाई करते हुए शहर की ट्रेवल एजेंसियों के कार्यालयों पर छापामारी की है। गड़बड़ी पाए जाने पर तीन एजेंसियों के चालान काटे हैं। पर्यटन विभाग के उप निदेशक सुरेंद्र जस्टा ने कार्रवाई की पुष्टि की है।
सैलानियों की पसंदीदा सैरगाह हिल्सक्वीन शिमला ठगों के लिए कमाई का जरिया बन गई है। ठगी का कारोबार इंटरनेट से चल रहा है। सैलानियों को सस्ती दरों पर लग्जरी सुविधाएं देने के नाम पर ठगा जा रहा है। ‘आनलाइन टूर प्रोग्राम’ के नाम पर सैलानियों को 50 से 75 फीसदी छूट देने का लालच दिया जा रहा है। एडवांस जमा होने के बाद ट्रेवल एजेंट वादे के अनुरूप सुविधाएं नहीं दे रहे। टूर प्रोग्राम में साधारण टैक्सी के किराए पर महंगी गाड़ियों में शिमला की सैर और बजट होटल के रेट पर थ्री स्टार होटलों में ठहराने की व्यवस्था का वादा कर धोखा दिया जा रहा है। शिमला पहुंचने पर सैलानियों को न तो घूमने के लिए लग्जरी गाड़ियां मिल रही हैं और न ठहरने के लिए बढ़िया कमरे। ठगी की शिकायत के बाद पर्यटन विभाग ने शहर की ट्रेवल एजेंसियों पर छापामारी की है। पर्यटन विभाग के इंस्पेक्टर (होटल) रवि धीमान की अगुवाई में की गई कार्रवाई के दौरान ट्रेवल एजेंसियों के रिकार्ड में भारी गड़बड़ी पाई गई है। प्राथमिक कार्रवाई के तौर पर तीन ट्रेवल एजेंसियों के चालान काटे गए हैं। इन एजेंसियों पर जुर्माना और लाइसेंस रद करने की कार्रवाई होने की संभावना है।
