
सराहां (सिरमौर)। पच्छाद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली करीब एक दर्जन उठाऊ पेयजल एवं ग्रेवटी योजनाओं के पचास फीसदी जल स्रोत सूख चुके हैं। ये योजनाएं क्षेत्र के हजारों लोगों की प्यास बुझाती हैं। इन योजनाओं में पानी कम होने से क्षेत्र के लोगों को भारी पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है। भारी गर्मी तथा क्षेत्र में वर्षा न होने से मुख्य जल स्रोतों में पानी की भारी कमी आई है।
पच्छाद क्षेत्र की लोहारड़ी-पथरोटी, सेरशोग, डिलमन, बनाहं की सेर, सराहां, बनी बखोली, गागल शिकोर, गी-मतलाना, सिरमौरी मंदिर, नारग तथा जामन की सेर उठाऊ पेयजल योजनाओं के जल स्रोतों का पचास फीसदी पानी सूख चुका है। क्षेत्रवासी सोमदत्त, रमेश कुमार, रतन सिंह, सतपाल, सराहां पंचायत प्रधान विनोदकांत, बाग पशोग पंचायत प्रधान विजय कांत शर्मा, जिला परिषद सदस्य ललिता शर्मा, बीडीसी सदस्य तारा दत्त, बागथन पंचायत प्रधान देशराज तथा सुनील शर्मा ने बताया कि भारी गर्मी के चलते मुख्य जल स्रोतों पर काफी असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द बारिश न हुई तो क्षेत्र में भारी पेयजल संकट छा जाएगा। उधर, आईपीएच विभाग के सहायक अभियंता एमसी सेन ने बताया कि पेयजल योजनाओं के मुख्य स्रोतों में पचास फीसदी पानी की कमी आई है। लेकिन, लोगों को अभी पर्याप्त मात्रा में पानी की सप्लाई दी जा रही है।
