
बिलासपुर। पंचायत तकनीकी सहायकों ने उन्हें वेतन का भुगतान समय पर न होने पर रोष जताया है। पंचायत तकनीकी संघ ने मांग की है कि अन्य वर्गों के कर्मचारियों की तरह हर माह की प्रथम तारीख को उनका निर्धारित वेतन भी उनके खातों में डलवाया जाए। उन्होंने कमीशन प्रथा बंद करके पंचायत सहायकों की तर्ज पर उन्हें वेतन का भुगतान सीधे तौर पर किए जाने की भी मांग की है।
रविवार को जिला परिषद के सभागार में आयोजित बैठक के दौरान पंचायत तकनीकी सहायकों ने बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष रामलाल ठाकुर व सदर के विधायक बंबर ठाकुर को सम्मानित करने के साथ ही उन्हें अपना दुखड़ा भी सुनाया। उन्होंने कहा कि यह वर्ग पिछले 10-12 वर्षों से ईमानदारी व कर्तव्यनिष्ठा की भावना से अपनी सेवाएं दे रहा है। पूर्व सरकार के समक्ष उन्होंने अपनी मांगें कई बार रखीं। हक के लिए पेन डाऊन स्ट्राइक भी की, लेकिन तत्कालीन सरकार से हर बार आश्वासन ही मिले। पांच सालों से निराशा झेल रहे इस वर्ग की उम्मीदें अब वीरभद्र सरकार पर टिकी हैं।
संघ ने मांग की कि आठ वर्ष से अधिक समय से सेवाएं दे रहे तकनीकी सहायकों को नियमों के अनुरूप नियमित किया जाए। इससे कम अवधि वालों को अनुबंध आधार पर नियुक्ति दी जाए। संघ के अनुसार दस वर्ष के सेवाकाल वाले तकनीकी सहायकाें को दैनिक भोगी का दरजा (240 रुपये प्रतिदिन) व इससे कम सेवाकाल वालों को 5500 रुपये न्यूनतम वेतन देने की अधिसूचना पूर्व में जारी हो चुकी है। इसके बावजूद कुछ विकास खंडों में इसे दरकिनार किया जा रहा है। कई-कई माह तक वेतन न मिलने के कारण तकनीकी सहायकों को आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
इस मौके पर संघ के प्रदेश सचिव इंद्र सिंह चौहान, जिला अध्यक्ष कश्मीर सिंह तथा रवि, श्यामलाल, कुलदीप, राजेश, राकेश, मीनाक्षी, नीतू सोनी, राजेंद्र कुमार, रवि शर्मा, रमेश अवस्थी, अशोक, मेहरचंद, गोपाल धीमान, बिशनदास व प्रकाश चंद समेत कई अन्य तकनीकी सहायक मौजूद थे।
