गोभी की फसल पर केटर पीलर का हमला

उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। लाहौल घाटी में गोभी की फसल पर केटर पीलर कीट ने हमला बोल दिया है। वहीं किसान कीटनाशक दवाइयां उपलब्ध न होने से अपनी फसल को बचाने में असमर्थ हैं। हालांकि किसानों ने नष्ट हुए पौधों की जगह नई नर्सरी रोपना शुरू कर दी है। लेकिन आर्थिक रूप से किसानों को भारी नुकसान पहुंचा है।
लाहौल के सुमनम, जाहलमा, जूंडा, पलजोन और जसरथ सहित कई गांवों में गोभी की फसल लगाई जाती है। हर साल यहां लाखों का कारोबार भी होता है। लेकिन केटर पीलर कीट के हमले से गोभी की फसल को भारी नुकसान पहुंच रहा है।
किसानों ने बताया कि आसमानी कलर के कीट गोभी के पतों में छेद कर रहा है। वहीं दूसरा स्लेटी कलर का कीट दिन को मिटी के अंदर घुस जाता है और रात को बाहर निकलकर पौधों को बीच से काट देता है। चार-पांच सालों से लाहौल घाटी के किसानाें का रुझान सब्जी उत्पादन की तरफ बढ़ा है। वैज्ञानिकों ने भी लाहौल के पर्यावरण को सब्जी उत्पादन के लिए उपयुक्त बताया है। साल में एक ही फसल तैयार कर किसान सब्जी उत्पादन से अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। लेकिन गोभी की फसल पर कीट के हमले से किसान परेशान हैं। किसान राम चंद, विनय ठाकुर और सोहन लाल ने बताया कि कीटों के हमले की रोकथाम को लेकर यहां कृषि महकमे में दवाइयां उपलब्ध नहीं हैं। बताया कि समय रहते दवाईयों का प्रावधान न हुआ तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
उपलब्ध करवाई दी हैं दवाइयां : खूबराम
कृषि विभाग के केलांग में तैनात एडीओ खूब राम सिंह ने बताया कि कृषि विभाग के सब सेंटरों में दवाइयां उपलब्ध करवा दी हैं। गोभी के पत्तों को नुकसान पहुंचाने वाले केटर पीलर कीट को खत्म करने के लिए मेलाथियान 2 मिली लीटर दवाई एक लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें। उन्होंने सुझाव दिया कि स्प्रे सुबह के समय या शाम के वक्त करें तो ही ठीक रहेगा। पौधों को बीच से काटने वाले कटुवा कीट को खत्म करने के लिए गोभी की निराई के समय मासवान 100 मिली लीटर 25 किलोग्राम रेत के साथ दो लीटर पानी में खेतों में डालें।

Related posts