
दलाश (कुल्लू)। क्षेत्र की व्युुंगल पंचायत में दो दिन तक चलने वाला जागर मेला देव मिलन के साथ मंगलवार को शुरू हो गया। इस दौरान दिन भर नाटियों का दौर चलता रहा। सैकड़ों लोगों ने देवी-देवता के दर्शन किए। मेले में कुईकंडा नाग देवता और बूढ़ी नागिन आए हुए हैं।
मेले में हर तीन वर्ष के बाद मां और बेटे का मिलन होता है। इस वर्ष भी जब मां-पुत्र का मिलन हुआ तो नजारा देखने लायक था। बूढ़ी नागिन माता के 9 पुत्र हैं। इनमें से सबसे छोटे पुत्र कुईकंडा नाग हैं। इन्हें 9 पुत्रों में से सबसे शक्तिशाली माना जाता है। नाग देवता कोटाधार बूढ़ी नागिन माता के पुत्र हैं। हर तीन वर्ष ज्येष्ठ माह के 7-8 प्रविष्ट को मनाए जाने वाले जागर मेले की मान्यता है कि क्षेत्र के कुईकंडा नामक स्थान पर कुई के फू ल खिलते हैं। जो व्यक्ति सच्चे मन से नाग देवता की भक्ति करता है उसे ये फूल वहां दिखते हैं। यह फू ल हर वर्ष ज्येष्ठ माह में खिलते हैं। इनको नाग देवता को चढ़ाया जाता है। फूल ज्येष्ठ माह में खिलने के कारण मेला ज्येष्ठ माह में मनाया जाता है। कुई के फू ल कुई कंडा में खिलने के कारण नाग देवता को कुई कंडा नाग देवता भी कहा जाता है।
