
अंब (ऊना)। प्रदेश सरकार की ओर से सरकारी डिपुओं में नान सब्सिडाइज्ड वस्तुओं की बिक्री पर प्रतिबंध पर विचार को लेकर की जा रही बयानबाजी पर डिपो संचालन समितियां भड़क उठी हैं। समिति अध्यक्षों में देसराज, शिव स्वरूप, रमेश चंद, शमशेर सिंह, बलदेव सिंह, जोगिंद्र पाल सहित विभिन्न सभाओं के सचिवों में चैन सिंह, राज कुमार, विनोद, सुरजीत, रविंद्र ने बताया कि पीडीएस की वस्तुओं के साथ डिपुओं में सस्ती दर पर उद्योगों से जो कुछेक वस्तुएं खरीद कर बेची जाती हैं, उनका सीधा लाभ क्षेत्र की जनता को मिलता है। खुले बाजार से मिलने वाली वस्तुएं डिपुओं में कम दर पर मिलने से इसका सीधा लाभ गरीब वर्ग से जुडे़ लोगाें को मिलता है। डिपुओं में सामान खरीदने ज्यादातर गरीब श्रेणी के लोग आते हैं। डिपुओं में बिना सब्सिडी की वस्तुओं की बिक्री करीब 30 साल से चली आ रही है। उन्हाेंने कहा कि सरकार की ओर से डिपुओं पर दिए जा रहे ऐसे ब्यान हैरान करने वाले हैं। उन्हाेंने बताया कि अगर प्रदेश सरकार ने डिपुओं में नॉन सब्सिडाइज्ड वस्तुओं की बिक्री बंद करने का निर्णय लिया तो उन पर लोगाें की नाराजगी भारी पड़ सकती है।
