
ऊना। जिले के बंगाणा विकास खंड के जोल क्षेत्र के तहत पड़ती एक ग्राम पंचायत के प्रधान एवं पंच पर विकास कार्यों में अनियमितता बरतने के चलते गाज गिर गई है। लोकपाल मनरेगा की रिपोर्ट में पंचायत प्रधान और वार्ड पंच को अनियमितता का दोषी करार दिए जाने के बाद इनसे सरकारी धन की रिकवरी किए जाने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। दोनों को एक-एक हजार रुपए जुर्माना भी किया गया है। लोकपाल मनरेगा शांति शर्मा ने मामले की छानबीन करने के बाद प्रधान को गोलमाल का दोषी करार देते हुए धन रिकवर करने के आदेश जारी करने के अतिरिक्त आगामी कार्रवाई के लिए मामले की विस्तृत रिपोर्ट उपायुक्त अभिषेक जैन को सौंप दी है। जबकि पंचायती राज अधिनियम के तहत आगामी कार्रवाई अमल में लाने के लिए उपायुक्त ने पंचायत विभाग को भी निर्देश दे दिए हैं। जिसके चलते इस मामले में अब गेंद पंचायती राज विभाग के पाले में पहुंच गई है।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक गोलमाल करने के दोषी प्रधान एवं पंच पर कभी भी निलंबन की गाज गिर सकती है। लोकपाल मनरेगा की ओर से दी गई रिपोर्ट के आधार पर दोनों से लगभग 10170 रुपए रिकवर किए गए हैं। इस राशि का गोलमाल दोनों ने मनरेगा के तहत चल रहे एक कार्य के दौरान किया था। लोकपाल मनरेगा शांति शर्मा ने बताया कि उक्त पंचायत प्रधान और पंच के खिलाफ हुई जांच में अनियमितता बरतने के आरोप साबित हुए हैं। इस मामले को आगामी कार्रवाई के लिए उपायुक्त को प्रेषित कर दिया गया है। उधर, उपायुक्त अभिषेक जैन का कहना है कि किसी भी विकास कार्य में अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले में पंचायत विभाग को आगामी जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
