चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात

हमीरपुर। शाम ढलते ही पंचायतों में जगमगाने वाली सौर लाइटें अब नहीं जल रही हैं। जिला की पंचायतों में कंपोनेट प्लान के तहत लगाई गई सौर लाइटें बंद पड़ी हैं। रख रखाव और रिपयेर के अभाव में पंचायतों में लगी सौर लाइटें सफे द हाथी साबित हो रही हैं। कुछ एक पंचायतों में महीनों से यह लाइटें बंद हैं। न तो पंचायतें लाइटों को ठीक करवा रही हैं, न ही विभाग।
पंचायतों की कुछ बस्तियों में लगी ये लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हैं। हमीरपुर जिला की 229 पंचायतों में करीब 1600 सौर लाइटें हैं। इनमें से अधिकतर लाइटें बैटरी डैड होने या सिस्टम सही ढंग से कार्य न कर पाने के कारण बंद हैं। सौर ऊर्जा विभाग ने पंचायतों में लाइटें तो स्थापित कर दी हैं, लेकिन मुड़कर लाइटों की सुध नहीं ली। पंचायतें लाइटों को ठीक करवाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही है। ग्रामीण पंचायत प्रतिनिधियों के पास लाइट ठीक करवाने के लिए आग्रह कर रहे हैं। हमीरपुर में करीब चार दर्जन से अधिक पंचायतों में लगी सौर लाइटें खराब पड़ी हैं।
ग्राम पंचायत बलोह, चंबर, चमनेड़, पंधेड़, धरोग, समलेहड़ा, अमरोह, सकरोह में लाइटें बंद पड़ी हैं। ग्रामीण प्रेम चंद, सुनील कुमार, राजेश कुमार, नरेंद्र कुमार, विधि चंद, अजीत सिंह, शुभम, राकेश, नंदनी, स्नेहलता, प्रकाश चंद, प्रमोद कुमार, प्रदीप कुमार, सुनील कुमार, राजेंद्र, सुक्रात, प्रवीन कुमार, बांकू राम, नरेश कुमार, यादवेंद्र सिंह, दीपक कुमार, अजीत सिंह और प्रतीक कुमार ने बताया कि पंचायतोें में लगाई गई सौर लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हैं। चौराहों पर लगाई लाइटें न जलने से लोग परेशानी झेलने को मजबूर हैं।
हिम ऊर्जा के परियोजना अधिकारी राजीव शर्मा ने कहा कि बजट के अभाव में सौर लाइटें बंद हैं। पंचायतों से आवेदन आने पर ठीक कर दिया जाएगा।

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