अधर में वित्तीय अनियमितताओं की पड़ताल, एक फोटोकॉपी मशीन ने थाम दी एसआईटी जांच की रफ्तार

अधर में वित्तीय अनियमितताओं की पड़ताल, एक फोटोकॉपी मशीन ने थाम दी एसआईटी जांच की रफ्तार

उत्तरकाशी उत्तरकाशी जिला पंचायत में वित्तीय अनियमितताओं की जांच नहीं पकड़ पा रही रफ्तार। एक फोटोकॉपी मशीन है विभाग में। 21 हजार पेज फोटोकापी की जानी है और 748 विकास कार्यों की होनी है जांच। एक फोटोकॉपी मशीन ने एसआईटी जांच की रफ्तार थाम रखी है। वजह उसका खराब होना नहीं बल्कि उस पर काम का दबाव है। यही वजह है कि 748 विकास कार्यों की जांच के लिए विभाग दो साल में हुए कार्यों की 21 हजार पेज की सूची भी जांच टीम को मुहैया नहीं करा पा रहा…

Read More

अग्निपथ भर्ती योजना : भारत बंद के एलान के बीच उत्तराखंड में अलर्ट, रेलवे स्टेशन पर चप्पे-चप्पे पर आरपीएफ के जवान तैनात

अग्निपथ भर्ती योजना : भारत बंद के एलान के बीच उत्तराखंड में अलर्ट, रेलवे स्टेशन पर चप्पे-चप्पे पर आरपीएफ के जवान तैनात

देहरादून अग्निपथ योजना के विरोध में आज 20 जून को चंपावत में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन की पुलिस ने इजाजत नहीं दी है। उधर, अग्निपथ योजना को लेकर देशभर में रेलवे स्टेेशनों पर हो आंदोलन और आगजनी की घटना को देखते हुए योगनगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पर चप्पे-चप्पे पर आरपीएफ (रेलवे पुलिस फोर्स) और जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस) के जवानों को तैनात कर दिया गया है। स्टेशन पर हाई अलर्ट जारी कर अतिरिक्त फोर्स लगाई गई है। अग्निपथ भर्ती योजना के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है। आज 20 जून सोमवार…

Read More

पुलों की गुणवत्ता जांचे बिना ही शुरू की वाहनों की आवाजाही, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने लगाई फटकार

पुलों की गुणवत्ता जांचे बिना ही शुरू की वाहनों की आवाजाही, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने लगाई फटकार

शिमला केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने निरीक्षण अधिकारियों की सुस्ती पर सख्ती दिखाते हुए प्रधान सचिव लोक निर्माण विभाग को चिट्ठी लिखकर कहा कि इन पुलों की गुणवत्ता की जल्द जांच करें। हिमाचल प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 14 पुलों का निर्माण कार्य मार्च में पूरा हो गया है, लेकिन इनकी गुणवत्ता जांचे बिना ही इन पुलों पर वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई। इस पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने सख्ती दिखाई है। अप्रैल 2021 से मार्च 2022 के बीच ये पुल बनकर तैयार हुए…

Read More

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में हुआ खुलासा, प्रदेश में 13,335 गर्भवती महिलाएं कुपोषण के जोखिम में

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में हुआ खुलासा, प्रदेश में 13,335 गर्भवती महिलाएं कुपोषण के जोखिम में

शिमला हिमाचल प्रदेश में 13,335 गर्भवती महिलाएं कुपोषण के जोखिम में हैं। यह खुलासा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जुटाए आंकड़ों के आधार पर हुआ है। हिमाचल प्रदेश में नवजातों को जन्म देने लिए गर्भधारण किए 13,335 महिलाएं कुपोषण के जोखिम में हैं। इसके अलावा 14 हजार ऐसे बच्चे हैं, जो जन्म के समय से कम वजन के हैं। 912 गंभीर रूप से कुपोषित और 5169 मध्यम रूप से कुपोषित बच्चे हैं। यह खुलासा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, स्वास्थ्य विभाग और महिला…

Read More

चीन नई रणनीति पर कर रहा है यह काम, अब तिब्बत के सामने भाषा व संस्कृति बचाने की चुनौती

चीन नई रणनीति पर कर रहा है यह काम, अब तिब्बत के सामने भाषा व संस्कृति बचाने की चुनौती

धर्मशाला चीन की इस नीति के खिलाफ अब तिब्बतियों का प्रयास है कि चीन से भी ज्यादा तेजी से वे अपनी भाषा और संस्कृति की रक्षा के लिए प्रयास करेंगे, ताकि तिब्बत की आजादी का संघर्ष अपने अंजाम तक पहुंच सके। आजादी के लिए पिछले छह दशकों से जारी संघर्ष के बीच तिब्बत शरणार्थियों के सामने अब अपनी भाषा और संस्कृति बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। चीन ने तिब्बत में शिक्षण संस्थान तोड़ने के बाद अपने प्रयास तेज कर दिए हैं, जिससे तिब्बत में भाषायी व सांस्कृतिक पहचान…

Read More

यदि भारत को समझना है तो गांव का अध्ययन करना आवश्यक : डॉ. गर्ग

यदि भारत को समझना है तो गांव का अध्ययन करना आवश्यक : डॉ. गर्ग

हमीरपुर। ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान नेरी में गांव का इतिहास विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के अध्यक्ष प्रो. ओम प्रकाश शर्मा ने की। इस दौरान मुख्य वक्ता डॉ. चेतराम गर्ग ने कहा कि गांव के इतिहास का अर्थ भारत की जड़ों के इतिहास से है। यदि भारत को समझना है तो उसके लिए गांव का अध्ययन करना आवश्यक है। हमें गांव के लोगों को समझाना नहीं है अपितु उन्हें समझना हैं। उन्होंने कहा कि भारत…

Read More

आठ स्कूल प्रिंसिपलों के खिलाफ होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई : उच्च शिक्षा निदेशक

आठ स्कूल प्रिंसिपलों के खिलाफ होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई : उच्च शिक्षा निदेशक

शिमला उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने संबंधित जिलों के शिक्षा उपनिदेशकों को पत्र जारी कर प्रशिक्षण शिविर में भाग नहीं लेने वाले आठ प्रिंसिपलों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने को कहा गया है। हिमाचल प्रदेश के छह जिलों के आठ प्रिंसिपलों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। एससीईआरटी सोलन के छह दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में चयन होने के बाद भी शामिल नहीं होने पर इन प्रिंसिपलों के खिलाफ सख्त फैसला लिया गया है। बिलासपुर, शिमला, सोलन, किन्नौर, ऊना और सिरमौर के प्रिंसिपलों पर शिकंजा कसते हुए उच्च…

Read More

प्रदेश में जिला कांगड़ा शिखर पर 12वीं परीक्षा परिणाम में 92 टॉपरों में से 21 टॉपर जिला कांगड़ा से

प्रदेश में जिला कांगड़ा शिखर पर 12वीं परीक्षा परिणाम में 92 टॉपरों में से 21 टॉपर जिला कांगड़ा से

धर्मशाला स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से घोषित जमा दो कक्षा के परीक्षा परिणाम में टॉपरों में जिला कांगड़ा शिखर पर है। तीनों संकायों में 12वीं कक्षा के कुल 92 टॉपरों में से बोर्ड को 21 टॉपर जिला कांगड़ा ने दिए हैं। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से घोषित जमा दो कक्षा के परीक्षा परिणाम में टॉपरों में जिला कांगड़ा शिखर पर है। तीनों संकायों में 12वीं कक्षा के कुल 92 टॉपरों में से बोर्ड को 21 टॉपर जिला कांगड़ा ने दिए हैं। इनमें साइंस संकाय में सबसे…

Read More

नर्सिंग संस्थानों को खोलने के नियम हुए सरल, डीएमई कार्यालय में आए 20 आवेदन

नर्सिंग संस्थानों को खोलने के नियम हुए सरल, डीएमई कार्यालय में आए 20 आवेदन

शिमला हिमाचल में इस समय 54 निजी नर्सिंग हैं। सरकार के दो नर्सिंग संस्थान हैं। इसमें एक इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज(आईजीएमसी) और दूसरा जिला मंडी में है। हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से नर्सिंग संस्थानों को खोलने के नियम सरल करने के बाद 20 आवेदन आए हैं। चिकित्सा शिक्षा संस्थान (डीएमई) कार्यालय में मंडी, कांगड़ा, सिरमौर और हमीरपुर जिला में संस्थान खोलने के लिए आवेदन आए हैं। पहले निजी नर्सिंग संस्थान खोलने के लिए 100 बिस्तरों का होना अनिवार्य किया गया था, लेकिन अब इस शर्त को हटा दिया गया…

Read More

मौसम का ऐसा बिगड़ा मिज़ाज़ गई 1700 की जान, बिजली गिरने, चक्रवात, बाढ़ और भूस्खलन सबसे बड़ी वजहें

मौसम का ऐसा बिगड़ा मिज़ाज़ गई 1700 की जान, बिजली गिरने, चक्रवात, बाढ़ और भूस्खलन सबसे बड़ी वजहें

नई दिल्ली विश्व पर्यावरण दिवस पर सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) द्वारा जारी रिपोर्ट ‘भारत के पर्यावरण की स्थिति 2022’ में यह आंकड़े सामने रखे गए। साथ ही इस रिपोर्ट के अनुसार इस साल देश में प्राकृतिक आपदा को बढ़ाने वाले हालात भी पर्यावरण को नुकसान से बढ़ रहे हैं। मौसम बिगड़ने की वजह से 2021 में देश के 1,700 नागरिक मारे गए। इनमें सबसे ज्यादा 350 महाराष्ट्र के थे तो 223 ओडिशा और 191 मध्य प्रदेश के। सबसे ज्यादा मौतें बिजली गिरने, चक्रवात, भीषण गर्मी, बाढ़ और भूस्खलन…

Read More