
सांगला (किन्नौर)। हिमाचल शोरंग पावर प्रोजेक्ट को किसी अन्य कंपनी को सौंपने की तैयारी चल रही है। इससे प्रोजेक्ट में कार्यरत किन्नौर की तीन पंचायतों के करीब 103 कर्मचारियों के भविष्य पर तलवार लटकती नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि दूसरी कंपनी अलग से कर्मचारियों की भरती कर रही है। इससे कर्मचारियों की छंटनी तय है।
किन्नौर जिले में निर्माणाधीन हिमाचल शोरंग पावर प्रोजेक्ट को नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी बन रही है। वित्तीय संकट के चलते अब प्रोजेक्ट को किसी अन्य कंपनी को सौंपा जा रहा है। प्रोजेक्ट को किसी दूसरी कंपनी को सौंपे जाने से यहां काम कर रहे किन्नौर की तरांडा, रूपी और छोटा कंपनी के 103 कर्मचारियों के भविष्य पर तलवार लटक गई है। जानकारी के मुताबिक नई कंपनी नए सिरे से साक्षात्कार लेकर कर्मचारियों की भरती कर रही है। इससे प्रोजेक्ट में छंटनी तय है। नए सिरे से भरती होने पर पूर्व में यहां काम कर रहे कर्मियों की नौकरी सुरक्षित नहीं है।
इधर, प्रोजेक्ट को दूसरी कंपनी को सौंपने की भनक लगने पर कर्मचारियों में हड़कंप मचा है। अशोक नेगी जयप्रकाश नेगी, बीरबल नेगी ,वीरेंद्र नेगी, सुरेंद्र नेगी, सुभाष नेगी, इंद्रसेन नेगी, हरीश नेगी, बलवंत, चंद्रदास नेगी, अजेंद्र नेगी, जयपाल नेगी, जगदीश नेगी, परविंद्र नेगी, सागर नेगी, अनिल नेगी, सुशील नेगी, राजभगत नेगी, अरविंद नेगी, जगदीश नेगी, अरविंद नेगी आदि कर्मचारियों ने कहा कि उनको प्रोेजेक्ट में 40 वर्ष तक रोजगार दिया जाए। उन्होंने कहा कि अगर कंपनी उनकी छंटनी करने की कोशिश करेगी तो इसका भारी विरोध होगा।
उधर, प्रोजेक्ट के वरिष्ठ प्रबंधक अनूप बनियाल ने कहा कि कंपनी ने पार्टनर के रूप में काम लिया है। कंपनी की ओर से किसी भी कर्मचारी को नोटिस नहीं दिया गया है। न ही किसी कर्मचारी की नौकरी को खतरा है।
