
सिंगापुर: 40 साल की बदतरीन हिंसा के बाद सिंगापुर ने भारतीय समेत विदेशी मजदूरों को भरोसा दिलाया कि वह जब तक चाहें सिंगापुर में काम कर सकते हैं, उनको देश में रहने और काम करने की इजाजत मिलेगी। बस उन्हें कानून नहीं तोडऩा होगा।
‘लिटिल इंडिया’ में दंगे के बाद सिंगापुर के विदेश एवं कानून मंत्री के. षणमुगम ने कल रात एक डोरमिटरी में तकरीबन 450 मजदूरों से मुलाकात की और उन्हें भरोसा दिलाया। सिंगापुर में ज्यादातर मजदूर दक्षिण एशिया के हैं। उनमें भारतीय मजदूरों की तादाद अच्छी खासी है। यह आश्वासन 8 दिसंबर की रात को दंगों में कथित रूप से हिस्सा लेने के आरोप में 28 भारतीय नागरिकों को आरोपित किए जाने के बाद आया।
गौरतलब है कि दंगे की शुरूआत बस दुर्घटना में एक भारतीय मजदूर की मौत के बाद हुई। इस बीच, सिंगापुर ने दंगों में हिस्सा लेने और पुलिस आदेश का पालन नहीं करने के सिलसिले में 52 भारतीय नागरिकों और एक बांग्लादेशी नागरिक को स्वदेश लौटाने की कल प्रक्रिया शुरू कर दी। उन पर सिंगापुर लौटने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है
