
ऊना। हिमाचल दिवस पर स्थानीय राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के मैदान में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में डीसी अभिषेक जैन ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश पुलिस, होमगार्ड, महिला होमगार्ड और एनसीसी की टुकड़ियों ने भव्य मार्चपास्ट प्रस्तुत किया। मार्च पास्ट का नेतृत्व सब इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने किया।
विद्यार्थियों ने प्रदेश की गौरवपूर्ण सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते लोकनृत्य प्रस्तुत किए। डीसी ने जिलावासियों को 67वें हिमाचल दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन 15 अप्रैल 1948 को लगभग 30 रियासतों के विलय के साथ हिमाचल प्रदेश का गठन हुआ था। 1950 में इस राज्य को केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया। 1966 में इस केंद्र शासित प्रदेश में पंजाब के पहाड़ी भाग को मिलाकर इस राज्य का पुनर्गठन किया गया और 25 जनवरी, 1971 को हिमाचल प्रदेश के इतिहास में एक नया सुनहरा पन्ना जुड़ा, जब इसे पूर्ण राज्य का दर्जा मिला और इसे भारत का अठारहवां राज्य बना दिया गया। डीसी ने कहा कि इस प्रदेश को रणबांकुरों की धरती कहलवाने का गौरव भी प्राप्त है। हिमाचल प्रदेश के बहादुर सैनिक मातृभूमि की रक्षा में सदैव आगे रहे हैं और उन्होंने देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है।
1971 में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में प्रदेश के 195 बहादुर सैनिक शहीद हुए। देश का प्रथम परमवीर चक्र प्रदेश के मेजर सोमनाथ शर्मा को दिया गया था। कारगिल युद्ध के समय प्रदत्त चार परमवीर चक्रों में से दो हिमाचल के सैनिकों कैप्टन विक्रम बत्तरा एवं राइफलमैन संजय कुमार को प्रदान किए गए थे। अभी तक 14 हिमाचली सैनिकों को महावीर चक्र, 61 को वीरचक्र प्रदान किए गए हैं, जबकि देश हित में प्रदेश के 1140 सैनिकों ने अपने प्राण न्योछावर किए हैं। प्रदेश ने विकास के सभी क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन के साथ पर्वतीय विकास की नई गाथा लिखी है।
इस अवसर पर एसपी अनुपम शर्मा, डीसी की धर्मपत्नी डा. आरुषि जैन, एडीसी दर्शन कालिया, एएसपी वीरेंद्र सिंह ठाकुर, एसडीएम धनवीर ठाकुर, डीएफओ आरके डोगरा, उच्च शिक्षा उपनिदेशक आरसी टबयाल, प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक निर्मल रानी, कुलदीप दयाल सहित अन्य कई गणमान्य मौजूद थे।
