
चंबा। जिला बार एसोसिएशन चंबा की आपात बैठक एसोसिएशन के अध्यक्ष जय सिंह की अध्यक्षता में हुई। इस अवसर पर त्वरित न्याय दिलाने के लिए विभिन्न उपमंडलों में सर्किट न्यायालयों की स्थापना को लेकर चरचा हुई। इस दौरान बार एसोसिएशन के सदस्यों ने उपमंडलों में सर्किट न्यायालय स्थापित करने के निर्णय का विरोध करने का फैसला लिया है।
विरोधस्वरूप एसोसिएशन ने सोमवार से दो दिन के लिए कोर्ट का कामकाज भी ठप करने का निर्णय लिया। इसके चलते सोमवार को वकीलों ने कोर्ट में कामकाज नहीं किया। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जय सिंह ने बताया कि इस संबंध में सभी सदस्यों का यही कहना था कि इससे न केवल वकीलों को, बल्कि जनता को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जिला चंबा एक पिछड़ा क्षेत्र है, इसलिए न्याय हासिल करने के लिए जनता के पास इतने अधिक आर्थिक संसाधन नहीं हैं, जो वे अलग-अलग जगह पर लगने वाले इन न्यायालयों का खर्च उठा सकें। उन्होंने कहा कि जिला बार एसोसिएशन के वकीलों को भी इन न्यायालयों के साथ विभिन्न मामलों की पैरवी के लिए अलग-अलग उपमंडलों में जाना पड़ेगा। इससे जहां उन्हें परेशानी होगी, वहीं उनके क्लाइंट्स को जिला न्यायालय के वकीलों को फीस के अलावा यहां आने-जाने का अतिरिक्त खर्च देना पड़ेगा। इससे आम आदमी के लिए न्याय प्राप्त करना और महंगा हो जाएगा। बार एसोसिएशन के अनुसार इससे पीठासीन अधिकारी की गरिमा पर भी असर पड़ेगा। जय सिंह ने बताया कि जिला मुख्यालय में पहले ही चार कोर्ट कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त उपमंडल पर सर्किट कोर्ट की स्थापना करना तर्क संगत नहीं है। उन्होंने बताया कि बार एसोसिएशन ने प्रदेश उच्च न्यायालय के इस निर्णय के खिलाफ दो दिन के लिए न्यायालय का कामकाज बंद करने का निर्णय लिया और सोमवार को कोर्ट का बहिष्कार किया। उन्होंने बताया कि मंगलवार को भी विरोधस्वरूप सभी वकील न्यायालय का काम बाधित रखेंगे। इस अवसर पर जिला बार एसोसिएशन के सभी पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।
