संतोषगढ़ की सीवरेज योजना लटकी

संतोषगढ़ (ऊना)। नब्बे के दशक में संतोषगढ़ नगर के लिए मंजूर हुई सीवरेज योजना का काम अधर में लटक गया है। लगभग 2.25 करोड़ की लागत वाली प्रस्तावित सीवरेज योजना का काम समय पर पूरा न हो पाने के कारण योजना की वर्तमान में अनुमानित लागत 9.33 करोड़ तक जा पहुंची है। सीवरेज योजना के काम को जोन ए एवं जोन बी के जरिए पूरा किया जाना है। नौ वार्डों के लिए तैयार की गई सीवरेज योजना के जोन ए में नगर के वार्ड एक एवं जट्पुर क्षेत्र को शामिल किया गया है, जबकि जोन बी में नगर के बाकी आठ वार्डों के साथ-साथ मेन बाजार को भी शामिल किया गया है। नगर के लिए तैयार की गई सीवरेज योजना के प्रथम चरण का कार्य वर्ष 2006-07 में शुरू हुआ। जोन ए के तहत नगर के वार्ड एक में योजना के लिए बनने वाले सैप्टिक टैंक के निर्माण का 95 फीसदी कार्य भी पूरा किया जा चुका है। योजना के तहत बनने वाले ट्रीटमेंट प्लांट का काम अभी होना बाकी है। इसके लिए नगर के वार्ड नौ में जगह का अधिग्रहण भी संबंधित विभाग की ओर से किया जा चुका है। संतोषगढ़ के नागरिकों रमेश कुमार, नरेश, हितेश, हरीराम, सुरेश, अमन कुमार, शिव कुमार, रामपाल, लवली, राकेश, जीत राम, मंगतराम व गोपाल दास का कहना है कि किसी भी सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है।
उधर, संतोषगढ़ नप अध्यक्ष अंजू बाला का कहना है कि नगर की सीवरेज योजना को पूरा करने की जिम्मेवारी आईपीएच विभाग की है। विभाग के पास बजट उपलब्ध होने के वावजूद भी सीवरेज योजना अधर में लटकी पड़ी है।
वहीं संतोषगढ़ क्षेत्र से आईपीएच विभाग के एसडीओ पीसी चड्ढा का कहना है कि विभाग के पास 10 लाख की राशि उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि ट्रीटमेंट प्लांट के सेक्शन चार में भूमि अधिग्रहण संबंधी स्वीकृति का मामला भी विभागीय अधिकारियों को भेजा गया है। एसडीओ का कहना है कि नगर के कई वार्डों में गलियों के तंग होने एवं लोगों का सहयोग न मिलने के कारण भी लाइन नहीं डाली गई है।

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