
हमीरपुर। लोन से वाहन खरीद मेहनत कर शाम को रोटी का जुगाड़ करने वाले घुमारवीं के एक परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। एक निजी अस्पताल में लैब तकनीशियन के पद पर तैनात महिला की दोनों किडनियां फेल हो चुकी हैं, बीमारी के कारण नौकरी भी छूट गई है। पत्नी का पीजीआई चंडीगढ़ से उपचार चल रहा है। रेणु की जिंदगी बचाने को हर तीसरे दिन डायलिसिस करवाना पड़ रहा है। एक माह में 20 से 22 हजार रुपये खर्च हो रहे हैं। पीड़िता की समय रहते किडनी नहीं बदली गई तो मुश्किलें और भी बढ़ सकती हैं।
घुमारवीं की रेणु को बीपी की शिकायत थी। प्रसव के कुछ माह बाद पता चला कि उसकी दोनों किडनियां फेल हो गई हैं। इससे पहले रेणु एक निजी अस्पताल में लैब तकनीशियन के पद पर तैनात थी। लेकिन बीमारी के चलते उसकी ये नौकरी भी छूट गई। रेणू के उपचार को प्रति माह 20 से 22 हजार रुपये का खर्च हो रहा है। रेणू का एक साल को बेटा भी है। परिवार में पति और सास है। पति नितिन ने बैंक से ऋण लेकर गाड़ी डाल रखी है, उसकी आमदन से परिवार का पालन पोषण ठीक चल रहा था, लेकिन बीमारी ने सारी व्यवस्था को गड़बड़ा दिया है। किडनी बदलने में लाखों रुपये का खर्च होना है। लेकिन पैसों के अभाव के चलते किडनी नहीं बदली जा सकी है। अभी तक किसी संस्था से या सरकारी आर्थिक मदद भी रेणु को नहीं मिल सकी है। ऐसे में रेणु को सरकारी मदद या दानी सज्जनों का ही सहारा है। रेणु का मायका हमीरपुर में है। रेणु के पति नितिन ने संस्थाओं से अपील की कि उसकी पत्नी के उपचार के लिए आगे आएं। सहयोग सज्जन दूरभाष नंबर 8628855427 या 9459447727 पर संपर्क कर सकते हैं।
