
कोटखाई (शिमला) कोटखाई के सल्याना गांव को भूस्खलन से खतरा पैदा हो गया है। गांव के नीचे पहाड़ी पर दरारें आने से फिलहाल पांच मकानों को खाली करवा दिया गया है। एसडीएम ठियोग ने अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ मौके का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया।
बताया जाता है कि विगत दिनों हुई भारी बर्फबारी और बारिश से सल्याना गांव के नीचे पहाड़ी पर दरारें आ गई हैं। गांववालों ने बताया कि गांव के नीचे पहाड़ी से अवैध रूप से काफी समय से पत्थर निकाले जा रहे हैं। इसी के कारण पहाड़ी में दरारें आ गईं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वन विभाग तथा लोक निर्माण विभाग को कई बार सूचित कर दिया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। शुक्रवार को मौके पर आए ठियोग के एसडीएम एमआर भारद्वाज के सामने लोगों ने अपनी दास्तां बयां की। ग्रामीणों ने कहा कि वर्ष 1978 और 2008 में भी यहां काफी भूस्खलन हुआ था और अबकी बार उनके गांव को ही खतरा हो गया।
प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यहां पांच मकानों को खाली करवा दिया है। इनमें नवीन सावंत, गोविंद सावंत, युसूफखान, मुहम्मद रफी, मो. हनीफ शामिल हैं। इनके मकानों को भूस्खलन के कारण नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा रोशन दीन, मुस्ताक मोहम्मद, गुलजार, इलम दीन, फेमू दीन, नजीर मोहम्मद, कलीम दीन, रिमत अली, चिरागुदीन, रियाज, जावेद, आलमदीन, मोहम्मद युसफ, गोविंद, नवीन, तालुबदीन इत्यादि के मकानों तथा जमीन को भी नुकसान पहुंचा है। एसडीएम ने प्रभावितों को प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है।
