
नालागढ़ (सोलन)। लापरवाही की हद इसे कहते हैं। 52 सीटर एचआरटीसी की बस में 80 सवारियां भरकर यात्रियों को चिकनी नदी के रास्ते मौत के मुंह में धकेल दिया। नदी पर पुल न होने के लिए यहां बस नदी से गुजारनी पड़ती है। मंगलवार शाम को 6:20 बजे नालागढ़ से दभोटा वाया रेडू़ रूट पर जा रही परिवहन निगम की यह बस मंगलवार को हुई अचानक तेज बारिश के बहाव में चिकनी नदी के बीचों बीच फंस गई।
चालक ने इसे निकालने की कोशिश तो बस का इंजन बंद हो गया। सवार सवारियां चीख पुकार करने लगी। गनीमत यह रही कि नदी का बहाव और अधिक नहीं बढ़ा, अन्यथा बस नदी के बहाव में बह जाती और बड़ा हादसा हो सकता था। सूचना मिलने पुलिस और दमकल विभाग मौके पर पहुंचा। रस्से के सहारे सवारियों को बाहर निकाला गया।
करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सभी सवारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बाद में जेसीबी की मदद से बस को भी साइड किया गया। डीएसपी नालागढ़ सुशील शर्मा ने कहा कि सवारियों को सुरक्षित बाहर निकालने का सबसे पहले प्रयास किया गया, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया। जांच होगी और मुकदमा दर्ज होगा। परिवहन निगम नालागढ़ के आरएम सुरेश धीमान ने कहा कि बस चालकों को पहले ही हिदायतें जारी कर रखी है कि वह किसी प्रकार का जोखिम न उठाएं लेकिन बावजूद इसके बस चालक ने बस को नदी में से गुजारा, जिसकी जांच की जाएगी और कारणों का पता लगाया जाएगा। उन्होंने भी सवारियों के सुरक्षित बाहर निकालने की पुष्टि की।
