बर्फ की आगोश में समाया ग्राहण गांव

कुल्लू। बर्फबारी से प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र में ही नहीं बल्कि कुल्लू के गांवों में भी जिंदगी मुश्किल में पड़ गई है। मणिकर्ण घाटी का दूर-दराज गांव ग्राहण बर्फ की आगोश में समा गया है। यहां करीब 6 फुट तक बर्फ बताई जा रही है। आलम यह है कि लोग मरीजों को डिस्पेंसरी तक पहुंचाने में असमर्थ हैं। यहां खोला गया हेल्थ सब सेंटर गांव से करीब 3 किलोमीटर दूर है। इसे ग्रामीणों की बदकिस्मती ही कहें कि ग्राहण गांव अभी तक सड़क सुविधा से भी नहीं जुड़ पाया है।
भारी बर्फबारी के बीच बिजली की तारें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इस कारण गांव में तीन दिन से बिजली नहीं है। मरीजों का इलाज नीम हकीमों के माध्यम से हो रहा है। पानी के नलके बर्फ में दब चुके हैं।
हिमपात में करीब 12 किलोमीटर पैदल चलकर कसौल पहुंचे ग्राहण में तैनात स्वास्थ्य बहुउद्देशीय कार्यकर्ता इंद्रदेव ने बताया कि हिमपात के कारण लोगाें का जीना मुश्किल हो गया है। गांव में लोगों के घरों के बीच तक संपर्क कट चुका है। गांव से बाहर निकले वार्ड पंच जय कृष्ण, चेतमू देवी, बौद्ध राज, हुकम चंद, झावेराम, रामू और गुलाब चंद ने बताया कि तीन दिनों से मणिकर्ण घाटी के ऊंचाई वाले गांवों में लगातार बर्फबारी हो रही है। आने वाले दिनों में हालात नहीं सुधरे तो मरीजों की जिंदगी खतरे में पड़ सकती है।
डीसी कुल्लू शरभ नेगी ने कहा कि मौसम खुलते ही ग्राहण गांव के लोगाें का कुशलक्षेम लेने को टीम रवाना की जाएगी। कहा कि ऐसे मौसम में फिलहाल वहां तक पहुंचना संभव नहीं।

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