
बिलासपुर। बच्चों पर अत्याचार करने वालों को सबक सिखाने के लिए पुलिस ने कमर कस ली है। ऐसी वारदातों को अंजाम देने वालों पर स्पेशल जुविनाइल पुलिस यूनिट की पैनी नजर रहेगी। बच्चों से जुड़े मामलों की बारीकी से जांच के लिए थाना प्रभारी को चाइल्ड वेलफेयर अधिकारी नियुक्त किया गया है। डीएसपी स्तर के अधिकारी की अगुआई में स्पेशल जुविनाइल पुलिस यूनिट में सामाजिक संस्थाओं के एक-एक नुमाइंदे को भी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
जानकारी के अनुसार बच्चों के साथ होने वाले किसी भी तरह के क्राइम की सूचना मिलते ही स्पेशल जुविनाइल पुलिस यूनिट संबंधित थाना प्रभारी को निर्देश जारी करेगी। इन निर्देशों के अनुसार थाना प्रभारी मामले की तफ्तीश करेंगे। जांच-पड़ताल के लिए भी बाकायदा गाइड लाइंस दी जाएंगी। बच्चों के साथ क्राइम में संलिप्तता पाए जाने अथवा संदेह होने पर आरोपी का पुराना रिकार्ड खंगाला जाएगा। यह पता लगाया जाएगा कि ऐसे मामलों में वे पहले संलिप्त तो नहीं रहा है।
पुलिस अधीक्षक अनुपम शर्मा ने बताया कि जुविनाइल जस्टिस एक्ट के तहत गठित यह यूनिट 16 साल से कम उम्र के बच्चों की गुमशुदगी के मामले में भी त्वरित कार्रवाई करेगी। यदि कोई बच्चा गुम हो जाता है और परिवार के सदस्य अपने स्तर पर प्रयास करने के बावजूद उसे तलाश नहीं कर पाते, तो उनकी शिकायत पर संबंधित थाना में तुरंत एफआईआर दर्ज की जाएगी। बिलासपुर जिले में डीएसपी प्रताप सिंह ठाकुर को इस यूनिट का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। सामाजिक संस्था रेनबो स्टार क्लब के अध्यक्ष इशान अख्तर और बेटियां फाउंडेशन की जिला अध्यक्ष सुनंदा सूद के साथ ही हेड कांस्टेबल ललित, फूलां देवी, निर्मला देवी, कल्पना देवी, सनोटू और रणधीर को भी इस यूनिट में शामिल किया गया है।
