
कुल्लू। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में फर्जी पते के आधार पर नौकरी हासिल करने को लेकर विजिलेंस ने एक अध्यापक पर केस दर्ज किया है। अब इस मामले को लेकर विजिलेंस शिक्षा विभाग और रोजगार कार्यालय के अधिकारियों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। सूत्रों का कहना है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने के मामले में कई अधिकारी जांच के घेरे में आ सकते हैं। कइयों पर गाज गिर सकती है।
जांच के दायरे में आए शिक्षक को करीब तीन साल पहले अनुबंध पर शारीरिक शिक्षक नियुक्त किया गया था। उस समय साक्षात्कार से बाहर हुए स्थानीय युवाओं ने उक्त मामले की शिकायत विजिलेंस से की थी। युवाओं ने उक्त अध्यापक पर फर्जी पते के आधार पर नौकरी हथियाने का आरोप लगाया था। इस साक्षात्कार में केवल जनजातीय जिला लाहौल स्पीति के युवा ही भाग ले सकते थे। जांच के दायरे में आया शारीरिक शिक्षक राजकीय वरिष्ठ उच्च पाठशाला गौशाल में तैनात है।
स्थानीय युवाओं ने शिकायत में कहा था कि श्याम लाल सुंदरनगर का रहने वाला है लेकिन उसने अपना नाम केलांग रोजगार कार्यालय में दर्ज करवाया था। रोजगार कार्यालय में श्याम लाल ने अपना पता केलांग के यूरनाथ गांव का लिखवाया था। श्याम लाल की नियुक्ति के बाद साक्षात्कार से बाहर हुए युवाओं ने विजिलेंस में इसकी शिकायत की थी। करीब तीन साल बाद विजिलेंस ने मामले में श्याम लाल के खिलाफ केस दर्ज किया है।
डीएसपी विजिलेंस (कुल्लू) एनके शर्मा ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने मामले में गहन छानबीन की। पूरी तरह से दस्तावेजों को खंगाला गया। विजिलेंस ने श्याम लाल के खिलाफ फर्जी दस्तावेजों से नौकरी हथियाने पर 420 तथा क्रप्शन का मामला दर्ज किया है। उन्होंने माना कि इस मामले में शिक्षा विभाग और रोजगार कार्यालय के अलावा कई अन्य विभागों के अधिकारी भी जांच के दायरे में आ सकते हैं। विजिलेंस मामले की गहन छानबीन कर रही है।
