पाइप घोटाले में अफसर भी नपेंगे

ऊना। ग्राम पंचायत सिद्ध चलेहड़ में 45 पाइपों के गबन के मामले में आईपीएच विभाग के अफसर और कर्मचारी भी नप सकते हैं। इन पर भी गाज गिरना तय माना जा रहा है। विजिलेंस एंड एंटी क्रप्शन ब्यूरो ने सिद्ध चलेहड़ पंचायत की प्रधान रवीना बीबी और उनके पति रुकमदीन के खिलाफ 45 पाइपों के गबन को लेकर मामला दर्ज कर रखा है। पंचायत प्रधान और उनके पति ने सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर कर रखी है। इनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सेशन कोर्ट में वीरवार को सुनवाई होनी है। इस दौरान विजिलेंस एंड एंटी क्रप्शन ब्यूरो की टीम भी कोर्ट परिसर में मौजूद रहेगी। वहीं, विजिलेंस ने आईपीएच विभाग का रिकार्ड भी कब्जे में ले लिया है। कब्जे में लिए गए रिकार्ड में ज्यादातर रजिस्टर एकाउंट्स के हैं। पंचायत के रिकार्ड को पहले ही कब्जे में ले लिया गया है। विजिलेंस ने कुछ दिन पहले शिकायत पर जब मौके पर दबिश दी थी तो जमीन में गाड़ी गई 45 पाइपें उखाड़ी थी। आरोप है कि पंचायत प्रधान और उनके पति ने सिंचाई की पाइप लाइन बिछाने के लिए आई पाइपें पेयजल योजना के लिए बिछाई थी, जबकि पेयजल योजना के लिए अलग से राशि भी स्वीकृत कराई। इस पर कार्रवाई करते हुए ब्यूरो ने 45 पाइपों को कब्जे में ले रखा है। माना जा रहा है कि आरोपी प्रधान और उनके पति ने अकेले ही इतने बड़े घपले को अंजाम नहीं दिया होगा। इसमें आईपीएच विभाग के अफसरों की भी मिलीभगत रही होगी। अब सवाल उठ रहा है कि जब पाइप लाइन बिछाई जा रही थी तो उस समय क्या विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने पाइपों की गिनती नहीं की थी। क्या प्रधान तथा अन्य मजदूरों ने ही पाइप लाइन बिछाई। पूरे प्रकरण में आईपीएच विभाग की कार्यप्रणाली भी संदेह के दायरे में आ रही है। इधर, ब्यूरो की ओर से आईपीएच विभाग का रिकार्ड कब्जे में लिए जाने से विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के भी हाथ पांव फूल गए हैं। विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो के डीएसपी विजय सकलानी ने कहा कि वीरवार को आरोपी प्रधान और उनके पति की अग्रिम जमानत याचिका पर कोर्ट में सुनवाई होेनी है। उन्होंने कहा कि आईपीएच के रिकार्ड को भी कब्जे में लेकर जांच तेज कर दी गई हैं।

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