पहाड़ों सहित रिहायशी इलाके भी लकदक

कुल्लू। करीब दो माह के लंबे सूखे से परेशान घाटी के लोग बारिश की गुहार के लिए कई बार अपने आराध्य देवी-देवताओं की शरण में पहुंचे। लेकिन, शनिवार देर शाम को अचानक मेघ बरसने से हुई बारिश तथा बर्फबारी ने लोग झूम उठे। जिला की पहाड़ियाें पर गिरे बर्फ के फाहे के बाद देखते ही देखते कुल्लू घाटी के रिहायशी इलाके भी बर्फ की सफेद चादर में लिपट गए। बर्फ इतनी दूर तक जा गिरी कि दूर-दूर तक बर्फ ही बर्फ नजर आने लगी। बंजार घाटी की तीन कोठी पूरी तरह बर्फ से सफेद हो गई है। इसके अलावा घियागी व सोझा में भी जमकर फाहे गिरे। उधर, आनी खंड की रघुपुर घाटी पूरी तरह बर्फ के आगोश में आने से जहां किसानों ने पीली पड़ रही लहसुन की फसल के लिए इसे संजीवनी माना है, वहीं बागवान भी गदगद हो उठे। घाटी के फनौटी, बनाला, करशाला, जुहड़, कोलथा, खनाग, शुश, कोठी, पकरेहड़, बालू, खराहल, भेखली, लगवैली के गांवों के अलावा ऊझी के सभी गांव बर्फ से ढक गए। वहीं सुहल, डुहाड, कांडीबाग, खाटू, छलाच, घुहाटन, बगोला आदि गांवों में भी डेढ़ से दो इंच तक बर्फबारी हुई है। बागवान कमल ठाकुर, लाल चंद, रमेश, तेज राम तथा प्रेम साहसी ने कहा कि उनके गांव में बर्फ गिरने से उन्हें बहुत खुशी हुई। किसान तिलक राज, ढेव राम, बेली तथा हंस ने बताया कि बर्फबारी से पीली पड़ रही जौ, गेहूं तथा लहसुन की फसल को फायदा मिलेगा। उधर, जिला कृषि उपनिदेशक डॉ. बीएल शर्मा ने कहा कि बारिश और बर्फबारी कृषि के लिए बहुत फायदेमंद होगी।

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