
मैहतपुर (ऊना)। हिमाचल प्रदेश में कामगारों के कल्याण के लिए राज्य सरकार ने कई बड़ी घोषणाएं की है, जिनका हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड ने स्वागत किया है। सरकार ने कामगारों को काम के वक्त दुर्घटना होने की स्थिति पर एक लाख रुपए की मुआवजा राशि, चिकित्सा सहायता राशि पांच हजार रुपये देने का ऐलान किया है। इसके साथ ही कामगारों के दो बच्चों की शादी के लिए भी सरकार अब 21 हजार रुपए की अनुदान राशि देगी, जो भाजपा सरकार के वक्त 5 हजार थी। महिला कामगारों को साइकिल खरीदने के लिए 2 हजार से 3 हजार रुपए किए गए हैं, जबकि स्टोव खरीदने को एक हजार पांच सौ रुपए की अनुदान राशि मिलेगी। स्कूलों में तालीम ले रहे बच्चों के लिए वजीफों की राशि में भी वृद्धि का ऐलान किया गया है। प्राथमिक स्तर पर एक हजार, मिडिल तक 12 सौ रुपए, मैट्रिक तक 15 सौ रुपए, जमा दो तक दो हजार तथा स्नातक स्तर पर दो हजार पांच सौ, बीएससी, बीकॉम के लिए तीन हजार, स्नातकोत्तर के लिए तीन हजार पांच सौ, विज्ञान के लिए चार हजार, प्रोफेशनल डिग्री के लिए दस हजार तथा पीएचडी के लिए 15 हजार रुपए की अनुदान राशि के हकदार होंगे। हिमाचल प्रदेश भवन निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के सदस्य जगतराम शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार के वक्त कामगारों को बोर्ड में पंजीकरण कराने के लिए 15 रुपए देने पड़ते थे, जिसे घटा कर अब एक रुपया कर दिया गया है। यह एक ही बार देना होगा। शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार के वक्त कामगारों का जो अशंदान 20 रुपये प्रति माह था, उसे भी कम करके महज 3 रुपए प्रति माह कर दिया गया है, यह तीन साल तक देय होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के साथ इंटक के पदाधिकारियों एवं ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधियों की बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने यह ऐलान किए हैं, जिसकी अधिसूचना 9 मई 2013 को जारी की जा चुकी है।
