दावों के बावजूद नहीं मिल रहा सस्ता राशन

शिमला। खाद्य आपूर्ति मंत्री जीएस बाली के दावों के बावजूद राजधानी के लोगों को सस्ता राशन नहीं मिल रहा है। सस्ते राशन की दुकानों में उपभोक्ताओं को मार्च में न तो दालें और न ही सरसों तेल मिल पाया। इस पर मंत्री ने मई में डबल कोटा देने का दावा किया पर यह घोषणा अभी तक हवा हवाई ही है। लोगों को सस्ते राशन की दुकानों से निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
मार्च में दालों के टेंडर नए सिरे से होने के चलते शहर के राशन कार्ड धारकों को दालें और तेल नहीं मिला था। मार्च में उपभोक्ताओं को सिर्फ आटा, चावल, चीनी और नमक ही दिया गया। इस पर मंत्री ने मई में मार्च का कोटा देने की घोषणा की। लेकिन मई की 12 तारीख होने तक किसी भी उपभोक्ता को मार्च का कोटा नहीं मिल पाया है। राशन डिपुओं में पहुंचने वाले लोगों को सिर्फ मई का कोटा मिल रहा है। राशन डिपो संचालकों का कहना है कि उन्हें विभाग ने मार्च का कोटा उपलब्ध नहीं करवाया है। शहर में करीब 36000 राशन कार्ड धारकों में इसको लेकर आक्रोश है। वहीं, विभागीय अधिकारी इस पर कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं।

मई से राशन कोटे में कटौती
मई में राशन कार्ड धारकों को तीन-तीन किलो आटा और चावल कम मिलेगा। केंद्र सरकार से राशन कोटे का कम आवंटन करने के चलते मई से उपभोक्ताओं को 18 किलो की बजाय 15 किलो आटा और नौ किलो की बजाय 6 किलो चावल ही मिलेंगे।

डिपुओं से आटा, चावल गायब
शहर के राशन कार्ड धारकों को जहां मार्च का कोटा नहीं मिल रहा है, वहीं मई के कोटे का आटा और चावल भी डिपुओं से गायब है। शहर के कई डिपुओं में मांग के अनुपात में आटा और चावल नहीं दिया गया है। राशन लेने पहुंच रहे लोगों को सिर्फ दालें और सरसों तेल दिया जा रहा है।

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