झूला पुल पर न जाने कब झूल जाए जिंदगी

पंडोह (मंडी)। पंडोह के बीच सात मील के पास द्रंग क्षेत्र को जोड़ता घ्राण पुल जर्जर हो चुका है। यहां कभी भी बड़ा हादसा होने का खतरा बना रहता है। पंचायत की ओर से पुल की खस्ताहाल को लेकर प्रस्ताव भी पारित किया गया।
घ्राण पुल से सैकड़ों लोग रोज सात मील उच्च मार्ग पर कुल्लू-मंडी की ओर आते जाते हैं। इसी पुल से सैकड़ों श्रद्धालु पैदल चल कर माता न्यूल, माता मैहणी के दरबार में अपनी मनोकामना पूर्ण करने के लिए आते जाते हैं। इसी पुल से सैकड़ों बच्चे रोजाना स्कूल को जाते हैं। इसी पुल के साथ उप स्वास्थ्य केंद्र, पटवार खाना, पशु औषधालय, विद्युत बोर्ड का कनिष्ठ अभियंता का कार्यालय भी स्थित हैं। इस पुल को बने दो दशक से भी अधिक समय हो चुका है।
पंचायत प्रधान लते राम ठाकुर ने कहा कि यह पुल जर्जर हालात में हो चुका है। पंचायत ने लगातार पांच साल से लोक निर्माण विभाग के पास मरम्मत करने की गुहार लगाई। यह पुल आज पैदल चलने योग्य भी नहीं है। लोक निर्माण विभाग शिवा बदार क्षेत्र के कनिष्ठ अभियंता जगदीश ठाकुर ने कहा कि अभी दस दिन पहले ही घ्राण पुल की मरम्मत का प्राक्कलन बना कर पधर डिवीजन को भेज दिया है।

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