गाड़ियों में बैठे यात्री भी अचानक बहने लगे

पौड़ी। नादलस्यूं पट्टी के मल्ली गांव निवासी जीत सिंह पांच दिन मौत से लड़कर सकुशल घर तो लौट आया लेकिन अब भी केदारघाटी में हुआ वो खौफनाक मंजर याद कर कांप जाता है। जीत सिंह पांच साथियों के साथ केदार बाबा के दर्शनों को गया था। जब गौरीकुंड पहुंचे तो वहां नदी का पानी उफान पर आ गया। अचानक गौरीकुंड के लॉज और गाड़ियों में बैठे यात्री अचानक नदी में बहने लगे। कुछ बचाने के लिए आवाज लगा रहे थे तो कुछ जान बचाने के लिए जंगलों की ओर भाग रहे थे। सुबह उजाला हुआ तो बस्ती से मीलों की दूर एक खड़ी चट्टान पर उसके साथ और कई यात्री थे। बच्चों और महिलाओं की हालत खराब थी तो कई पुरुष बेहोश थे। जीत सिंह बताते हैं कि दूसरे दिन से ही क्षेत्र में दुर्गंध उठने लगी थी। गौरीगांव में तीन दिन भूखे प्यासे जंगल में बिताने के बाद चौथे दिन सेना के हेलीकाप्टर से फाटा पहुंचा। फाटा से गुप्तकाशी 14 किमी दूर नंगे पांव पहुंचा। उसके साथी अभी लौटने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

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