
रुद्रप्रयाग। केंद्रीय मंत्री हरीश रावत ने भी माना है कि केदारघाटी में दैवीय आपदा से भारी नुकसान हुआ है। तबाही का मंजर भयावह है। सरकार के सम्मुख सबसे बड़ी चुनौती सडको को दुरुस्त करने की है। जब तक सड़क मार्ग दुरुस्त नहीं होता है, तब तक राहत कार्य में तेजी नहीं आ सकती है।
जिला मुख्यालय में आपदाग्रस्त इलाको का भ्रमण कर लौटे केंद्रीय मंत्री रावत ने कहा कि प्रकृति ने केदारघाटी में सब कुछ तबाह कर दिया है, जिसे पुर्न स्थापित करने में काफी समय लगेगा। उन्होंने माना कि सड़क मार्ग अवरुद्ध होने के कारण आपदाग्रस्त क्षेत्रो में खाद्यान्न संकट होने लगा है, जिससे स्थिति विकट हो रही है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ, गौरीकुंड, सोनप्रयाग के साथ ही अगस्त्यमुनि, विजयनगर, जवाहरनगर, गंगानगर, सौड़ी, बेडूबगड़, चंद्रापुरी, कुंड आदि जगहों पर भी भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में खाद्यान्न भंडारण के लिए जगह चिह्नित कर रसद की आपूर्ति की जानी चाहिए।
